क्या बढ़ते प्रदूषण में सिर्फ मास्क पहनना ही काफी है? आयुष मंत्रालय ने क्या उपाय बताए हैं?
सारांश
Key Takeaways
- प्रदूषण से बचने के लिए केवल मास्क पहनना ही काफी नहीं है।
- स्वस्थ खाने की आदतें अपनाना जरूरी है।
- आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सेवन करें।
- रोजाना व्यायाम और प्राणायाम करें।
- डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। इस संदर्भ में, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ मास्करोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेदिक सरल और घरेलू उपायों को अपनाकर प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से खुद को काफी हद तक बचाया जा सकता है। इसके लिए, सबसे पहले मौसमी और स्थानीय फल-सब्जियों का सेवन करें। ये ताजा और पौष्टिक होते हैं, जो शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स प्रदान करते हैं। सर्दियों में संतरा, अमरूद, गाजर, पालक, मूली, शलगम और हरी सब्जियां ज्यादा फायदेमंद होती हैं।
इसके अतिरिक्त, रोजाना अदरक, पिप्पली, हरड़ और बहेड़ा का सेवन करें। ये चारों जड़ी-बूटियां इम्यून सिस्टम को मजबूत करती हैं और सांस की नली को साफ रखती हैं। इन्हें चाय में मिलाकर या चूर्ण के रूप में भी लिया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुनगुना पानी पीना न भूलें। इसमें नींबू, शहद या तुलसी की कुछ पत्तियां मिलाकर पीना और भी लाभकारी होता है। दिन में 2-3 बार हर्बल काढ़ा जरूर पिएं। इसे तुलसी, अदरक, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और गुड़ डालकर बनाया जा सकता है। यह काढ़ा प्रदूषण से होने वाली खांसी, गले की खराश और सर्दी-जुकाम से बचाव करता है।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि भोजन हमेशा ताजा और गर्म खाएं। ठंडा या बासी भोजन पचाने में कठिनाई पैदा करता है और इम्युनिटी को कमजोर करता है। रोजाना घी, दूध, गुड़ और सूखे मेवे (बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश) का सेवन भी करें। घी शरीर को पोषण प्रदान करता है और प्रदूषण से होने वाली सूजन को कम करता है।
ये उपाय रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपनाए जा सकते हैं। साथ ही नियमित व्यायाम, प्राणायाम और पर्याप्त नींद भी इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होते हैं। यदि कोई पुरानी बीमारी है या दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।