जिम में मेहनत करने के बावजूद वजन कम नहीं हो रहा? जानिए इसके पीछे की सच्चाई
सारांश
Key Takeaways
- वजन घटाने के लिए एक्सरसाइज और खानपान का सही संतुलन आवश्यक है।
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।
- हेल्दी फूड का अधिक सेवन भी वजन घटाने में बाधा डाल सकता है।
- प्रोटीन की कमी मेटाबॉलिज्म को धीमा कर सकती है।
- बार-बार स्नैकिंग से अतिरिक्त कैलोरी बढ़ सकती है।
नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आजकल लोग फिटनेस और वजन घटाने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद जब वे वजन मापते हैं, तो वही पुराना आंकड़ा सामने आता है। इससे निराशा होना स्वाभाविक है। लेकिन सवाल यह है कि इतनी मेहनत के बावजूद वजन कम क्यों नहीं हो रहा? विज्ञान की दृष्टि से देखें तो वजन कम होना केवल जिम में पसीना बहाने से नहीं होता। यह एक प्रक्रिया है जिसमें शरीर की कई आदतें और कारक एक साथ काम करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हमारा वजन इस बात पर निर्भर करता है कि हम दिनभर कितनी कैलोरी लेते और खर्च करते हैं। यदि ऊर्जा के इन दोनों के बीच संतुलन नहीं बनता, तो वजन घटने की गति धीमी हो सकती है। कई लोग यह सोचते हैं कि एक घंटे की जिमिंग से अधिक कैलोरी बर्न होती है, लेकिन वास्तव में ऐसा हमेशा नहीं होता। शरीर एक्सरसाइज के दौरान बर्न की गई ऊर्जा की भरपाई दूसरे तरीकों से करने लगता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्कआउट करना आवश्यक है, लेकिन उसका सही तरीका और संतुलन समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग यानी वजन उठाने वाली एक्सरसाइज मांसपेशियों को बनाने में मदद करती है। जब मांसपेशियां बढ़ती हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे आराम करने पर भी अधिक कैलोरी खर्च होती है। इसलिए केवल कार्डियो एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी फिटनेस रूटीन में शामिल करना जरूरी है।
वजन घटाने में खानपान की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। कई लोग सोचते हैं कि हेल्दी खाना खाने से उनका वजन अपने आप कम हो जाएगा, लेकिन यह एक सामान्य गलती होती है। यदि हेल्दी फूड की मात्रा अधिक हो जाए, तो उसमें मौजूद कैलोरी वजन घटाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उदाहरण के लिए, नट्स, घी, एवोकाडो, स्मूदी और सूखे मेवे जैसे खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन इनमें उच्च कैलोरी होती है। अधिक सेवन से शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा जमा हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, बार-बार स्नैकिंग करने की आदत भी वजन घटाने में बाधा बन सकती है। कई लोग दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाते हैं और उन्हें यह एहसास नहीं होता कि उन्होंने कितनी कैलोरी ले ली है। मीठे पेय पदार्थ, शुगर वाली कॉफी या कोल्ड ड्रिंक भी शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जोड़ देते हैं। इसी तरह, प्रोटीन की कमी भी एक गंभीर समस्या हो सकती है। जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो मांसपेशियां मजबूत नहीं बन पातीं और मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर भोजन में प्रोटीन का कोई न कोई स्रोत जरूर होना चाहिए, जैसे अंडे, दालें, पनीर, टोफू या मछली।