गर्मियों का टॉनिक: आंवला शरबत के अनगिनत स्वास्थ्य लाभ
सारांश
Key Takeaways
- आंवला शरीर के लिए लाभकारी है।
- गर्मियों में ठंडक प्रदान करता है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
- त्वचा समस्याओं को कम करता है।
- आयुर्वेद में इसे अमृतफल कहा गया है।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चाहे गर्मी हो या सर्दी, आंवला का सेवन हर मौसम में शरीर के लिए अत्यधिक लाभदायक होता है। आंवले के सेवन से न केवल ऊर्जा बनी रहती है, बल्कि शरीर की थकान भी दूर होती है। हालांकि, इसके सेवन के सही तरीके को जानना भी आवश्यक है।
आयुर्वेद में आंवला को अमलकी या 'अमृतफल' कहा गया है, जो शरीर में त्रिदोष को संतुलित करने में सहायक होता है। यह वात, पित्त, और कफ को संतुलित करने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाले विटामिन सी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और मौसमी संक्रमणों से सुरक्षा मिलती है। गर्मियों में ठंडक प्रदान करने के लिए आंवले से बने शरबत का सेवन विशेष रूप से फायदेमंद है।
शरबत बनाने के लिए, मटके का पानी, सेंधा नमक, धागे वाली मिश्री, सब्जा के बीज, और ताजे आंवले का रस या चूर्ण लें। पानी में आंवले का रस मिलाएं, फिर सब्जा के बीज और एक चुटकी सेंधा नमक डालें। अच्छे से मिलाने के बाद, धागे वाली मिश्री को पीसकर मिलाएं और अंत में बर्फ डालकर परोसें। यह ड्रिंक इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है और थकान को तुरंत कम करता है।
इस शरबत का सेवन करने से गर्मियों में लू लगने का खतरा कम होता है और शरीर की आंतरिक गर्मी को नियंत्रित किया जा सकता है। गर्मियों में पित्त और वात का असंतुलन सामान्य है, जिससे शरीर में जकड़न महसूस होती है। आंवला का शरबत इस समस्या से राहत दिलाने में सहायक है।
वात और पित्त के संतुलन से न केवल पेट की अग्नि शांत होती है, बल्कि चेहरे पर मुंहासों की समस्या भी कम होती है। गर्मियों में शरीर बाहरी और आंतरिक रूप से सूखा महसूस करता है। आंवला के रस का सेवन करने से शरीर में नमी बनी रहती है और त्वचा से संबंधित समस्याएं कम होती हैं।