क्या 'बॉडी पेन' को नजरअंदाज करना सही है? शरीर में हो सकती है ये कमियां

सारांश
Key Takeaways
- थकावट और दर्द को नजरअंदाज न करें।
- विटामिन डी की कमी से बचने के लिए धूप में समय बिताएं।
- घुटनों के दर्द के लिए आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं।
- जोड़ों के दर्द की पहचान में समय महत्वपूर्ण है।
- नियमित व्यायाम से अपनी सेहत को सुधारें।
नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की जिंदगी इतनी तेज हो गई है कि लोग अपने शरीर की सेहत पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। सुबह से शाम तक काम, तनाव और जिम्मेदारियों में उलझे रहने के कारण थकावट या हल्का दर्द अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। लेकिन यह छोटी-छोटी बातें आगे चलकर बड़ी बीमारी बन सकती हैं। जब शरीर दर्द करता है, तो वह हमें संकेत देता है कि अंदर कुछ कमी है या कोई परेशानी शुरू हो रही है। इसलिए हमें इन संकेतों को समय पर पहचानना और सही इलाज करना आवश्यक है।
जब आप सीढ़ियां चढ़ते हैं और आपके पैरों में दर्द, थकावट या कमजोरी महसूस होती है, तो यह सिर्फ कमजोरी नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। यह विटामिन हमारी हड्डियों और मांसपेशियों के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और मांसपेशियों की ताकत कम होती है। इसका आसान उपाय है रोज कुछ देर धूप में बैठना और दूध, अंडा, और मशरूम जैसी चीजें खाना।
जब आप सीढ़ियां उतरते हैं और घुटनों में चुभन या तेज दर्द महसूस करते हैं, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके जोड़ों की कार्टिलेज घिसने लगी है। जब यह परत कम होती है, तो हड्डियां आपस में टकराती हैं और दर्द होता है। यह आगे जाकर गठिया जैसी बीमारी बन सकती है। इसमें आयुर्वेद के उपाय में मेथी दाने का पेस्ट घुटनों पर लगाने से आराम मिल सकता है, साथ ही हल्का व्यायाम भी आवश्यक है।
कुछ लोगों को थोड़ी देर खड़े रहने पर जोड़ों में दर्द या अकड़न महसूस होती है, जो आम थकावट नहीं, बल्कि इंफ्लेमेशन का लक्षण हो सकता है। यह ऑस्टियोआर्थराइटिस या आर्थराइटिस की शुरुआत हो सकती है। आयुर्वेद में हल्दी और काली मिर्च वाला दूध पीना फायदेमंद होता है क्योंकि हल्दी में सूजन कम करने की ताकत होती है।
लंबे समय तक बैठने के बाद उठने पर जोड़ों में तेज दर्द होना आम बात नहीं है। कई लोग इसे बढ़ती उम्र का असर मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन यह गठिया का लक्षण हो सकता है। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप रोजाना कुछ देर चलें, हल्की एक्सरसाइज करें, और शरीर को सक्रिय रखें।