गर्भावस्था में सीने की जलन क्यों होती है? इन तरीकों से पाएं राहत
सारांश
Key Takeaways
- गर्भावस्था में छोटी मात्रा में खाएं।
- तीखा और तला-भुना भोजन न करें।
- पानी का सेवन करें।
- ढीले कपड़े पहनें।
- आरामदायक आहार लें।
नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महिलाओं के लिए गर्भावस्था का अनुभव एक सुंदर और चुनौतीपूर्ण यात्रा होती है, जहां आने वाले शिशु की खुशी के साथ-साथ शरीर में होने वाले परिवर्तन भी परेशानी का कारण बनते हैं।
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अक्सर सीने में जलन का सामना करना पड़ता है। प्रारंभिक चरण में, गर्भवती माताओं को खाने में कठिनाई होती है, और यदि वे खा भी लेती हैं, तो उन्हें सीने में जलन और उल्टी का अनुभव होता है। ऐसे में कुछ सरल उपायों से महिलाएं इस समस्या से राहत पा सकती हैं।
पहला उपाय, सीने में जलन से बचने के लिए कम मात्रा में खाएं। गर्भवती महिलाओं को थोड़े-थोड़े समय में खाना चाहिए। एक बार में ज्यादा खाना सीने में जलन और मतली का कारण बन सकता है, इसलिए हमेशा थोडा-थोडा खाएं, इससे पेट और मन दोनों ठीक रहते हैं।
दूसरा, तीखा और तला-भुना भोजन से बचें। गर्भावस्था में तीखे और चटपटे खाने की इच्छा होती है, लेकिन यही भोजन सीने में जलन का मुख्य कारण बनता है। इसलिए ज्यादा मिर्च, तले हुए खाद्य पदार्थ, कॉफी और खट्टे फलों से दूर रहना चाहिए। खट्टे फल भी सीने में जलन पैदा कर सकते हैं।
तीसरा, गर्भावस्था के शुरुआती चरण में शरीर थका हुआ महसूस करता है। इसलिए खाना खाने के तुरंत बाद नहीं लेटना चाहिए। खाना खाने के २-३ घंटे बाद ही लेटें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। पानी पीने से सीने में जलन में कमी आती है।
चौथा, गर्भावस्था के दौरान ढीले कपड़े पहनें। टाइट कपड़े पेट पर दबाव डालते हैं जिससे जलन बढ़ती है। गर्भावस्था में कुछ महिलाएं टाइट कपड़े पहनती हैं, जिससे शरीर में जलन और खिंचाव महसूस होता है। इसलिए कॉटन और ढीले कपड़ों का चुनाव करें।
पांचवां, गर्भावस्था में आरामदायक आहार लें। अपने आहार में केले, दही, ओट्स और नारियल पानी जैसे पदार्थ शामिल करें। नारियल पानी की ठंडक सीने में जलन को कम करती है। अगर जलन अधिक हो तो चिकित्सक से सलाह अवश्य लें, क्योंकि डॉक्टर कुछ दवाएं भी दे सकते हैं।