कमर दर्द और रीढ़ की जकड़न से निजात दिलाने वाला चक्रासन योगासन
सारांश
Key Takeaways
- चक्रासन रीढ़ को लचीला बनाता है।
- कमर दर्द से राहत प्रदान करता है।
- पूरे शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
- मानसिक तनाव को कम करने में सहायक है।
- 5-10 मिनट का नियमित अभ्यास फायदेमंद है।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की जीवनशैली में लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने से रीढ़ की हड्डी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप कमर दर्द, उठने और बैठने में कठिनाई, और मांसपेशियों में तनाव बढ़ सकता है। कई लोग घरेलू उपायों या थेरेपी के जरिए राहत पाने का प्रयास करते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिल पाता।
इन उपायों में से एक प्रसिद्ध आसन है चक्रासन, जिसे व्हील पोज भी कहा जाता है और यह 'अष्टांग योग' की प्राथमिक श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस योगासन के दौरान शरीर को पीछे की ओर झुकाया जाता है जिससे यह एक पहिए के आकार में परिवर्तित हो जाता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, चक्रासन (व्हील पोज) एक उन्नत योगासन है, जो रीढ़ की लचक को बढ़ाता है और हृदय एवं फेफड़ों के लिए फायदेमंद है। यह आसन नसों, पाचन, श्वसन, और अंतःस्रावी तंत्र को सशक्त करता है, तनाव को कम करता है, और संपूर्ण शरीर की मांसपेशियों को टोन करता है।
चक्रासन रीढ़ की लचक को बढ़ाकर कमर दर्द से राहत दिलाता है। यह आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है और रोशनी में सुधार करता है। यह कब्ज और पाचन से जुड़े मुद्दों को भी दूर करता है। इसके अलावा, यह मानसिक तनाव और चिंता को कम कर मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक होता है। यह मांसपेशियों को मजबूत कर शरीर की सक्रियता को बढ़ाता है।
इसके नियमित अभ्यास से शरीर को अनेक लाभ मिल सकते हैं। हालांकि, शुरुआत में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अभ्यासकर्ता दीवार का सहारा लेकर इसे कर सकते हैं।
चक्रासन न केवल रीढ़ की मज़बूती को बढ़ाता है, बल्कि पूरे शरीर को ऊर्जावान बनाता है। रोजाना 5-10 मिनट का अभ्यास कमर दर्द को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति बैठे रहने के कारण जकड़न का अनुभव कर रहा है, तो उसे अपनी दिनचर्या में चक्रासन को शामिल करना चाहिए।
यदि पीठ, कलाई, या गर्दन में गंभीर दर्द हो, तो चिकित्सक या योग शिक्षक से परामर्श लेना आवश्यक है। गर्भवती महिलाएं या उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोग बिना मार्गदर्शन के इसे न करें।