क्या किडनी स्टोन में अचानक बढ़ोतरी का कारण हमारी डाइट में बदलाव है?
सारांश
Key Takeaways
- संतुलित आहार अपनाएं।
- पर्याप्त पानी
- प्रोसेस्ड फूड और नमक का सेवन कम करें।
- फाइबर
- शारीरिक गतिविधि
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुर्दे की पथरी आज भारत सहित विश्व में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। हाल के कुछ वर्षों में लोगों की भोजन की आदतों में आए बदलावों ने इस बीमारी के मामलों में वृद्धि की है।
2024 में प्रकाशित “किडनी स्टोन्स एंड डाइटरी इनटेक इन एडल्ट्स” नामक अध्ययन में 10,009 वयस्कों का विश्लेषण किया गया और यह पाया गया कि जिनका आहार कार्बोहाइड्रेट और तांबे से भरपूर था, उनमें पथरी बनने का जोखिम अधिक था।
यह अनुसंधान दर्शाता है कि किडनी स्टोन केवल पानी की कमी या मौसम के कारण नहीं होते, बल्कि हमारी खानपान की आदतों से भी जुड़े हैं।
उच्च कार्बोहाइड्रेट, प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय, नमक, अस्वास्थ्यकर वसा और रेड मीट के बढ़ते सेवन से मूत्र में खनिजों का असंतुलन पैदा होता है। यह असंतुलन कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड के क्रिस्टल का निर्माण करता है, जो धीरे-धीरे पथरी का रूप लेते हैं। 2025 में नेचर जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने यह भी बताया कि अत्यधिक फैटी एसिड का सेवन किडनी स्टोन बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। यही वजह है कि आधुनिक खानपान—जिसमें अधिक पैक्ड फूड और रिफाइंड कार्ब्स शामिल हैं—पथरी के मामलों में वृद्धि कर रहा है।
एक अन्य 2024 के अध्ययन में यह उल्लेख किया गया कि पर्याप्त फाइबर का सेवन करने वाले व्यक्तियों में पथरी का खतरा काफी कम होता है। यह संकेत देता है कि संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों की मात्रा बढ़ाकर इस बीमारी को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। इसके अलावा, वजन बढ़ना और शारीरिक गतिविधि की कमी भी पथरी के जोखिम को बढ़ाती है। आधुनिक जीवनशैली ने शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को प्रभावित किया है, और पथरी उसी असंतुलन का परिणाम है।
आहार को संतुलित करना, नमक और प्रोसेस्ड खाने को कम करना, खूब पानी पीना, और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना किडनी स्टोन से बचने का सबसे विश्वसनीय तरीका है। जिन लोगों को पहले पथरी की समस्या हो चुकी है, उन्हें अपनी डाइट पर लगातार ध्यान देना चाहिए और डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से नियमित परामर्श लेना चाहिए। भोजन, शरीर और स्वास्थ्य—तीनों के बीच संतुलन बनाकर ही इस बढ़ती समस्या से निपटा जा सकता है।