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क्या पीएम मोदी ने 'शहद' के उत्पादन में 11 साल में डेढ़ लाख मीट्रिक टन वृद्धि की?

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क्या पीएम मोदी ने 'शहद' के उत्पादन में 11 साल में डेढ़ लाख मीट्रिक टन वृद्धि की?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में शहद उत्पादन में वृद्धि की चर्चा की। जानें, कैसे 11 साल में यह उत्पादन डेढ़ लाख मीट्रिक टन तक पहुँच गया। साथ ही, विभिन्न राज्यों के विशेष शहद के बारे में भी जानें।

मुख्य बातें

भारत में शहद उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
राज्यों में बन रहे शहद की अपनी परंपराएँ हैं।
कृषि मंत्रालय के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर का रामबन शहद विशेष है।
नगालैंड की क्लीफ हनी हंटिंग एक अद्भुत तकनीक है।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 128वें एपिसोड में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के समारोह, टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग, राम मंदिर पर धर्मध्वजा, रामबन सुलाई शहद और देश के विभिन्न हिस्सों में बन रहे शहद पर चर्चा की। उन्होंने इसे मधु क्रांति कहा।

मन की बात में उन्होंने कहा कि भारत शहद उत्पादन में नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है, और विभिन्न राज्यों में अलग-अलग गुणों से भरपूर शहद का उत्पादन हो रहा है। 11 साल पहले देश में 76,000 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन होता था, लेकिन अब यह बढ़कर डेढ़ लाख मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। कृषि मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के तहत मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए बी-बॉक्स वितरित किए गए हैं, जिससे लोगों को रोजगार भी मिला है।

पीएम मोदी ने लोगों की मेहनत और विभिन्न राज्यों की परंपराओं और प्रकृति की संगति पर बात करते हुए जम्मू कश्मीर के रामबन में बनने वाले शहद, दक्षिण भारत के पुत्तुर में वनस्पति से बनने वाले शहद, कर्नाटक के तुमकरु में बनने वाले शहद और नगालैंड की क्लीफ हनी हंटिंग के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्यों में बनने वाले हर शहद की अपनी परंपरा और प्रकृति की मिठास है।

जम्मू कश्मीर के रामबन में बनने वाले शहद पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि वहां सुलाई के सफेद फूलों से शहद तैयार किया जाता है। यह शहद सफेद रंग का होता है और इसे जीआई टैग भी मिला है, जिससे इसे पूरे देश में पहचान मिली है।

दक्षिण भारत के पुत्तुर में वनस्पति से बनने वाले शहद को लेकर उन्होंने कहा कि यहां की वनस्पतियां शहद बनाने के लिए अत्यंत उत्कृष्ट मानी जाती हैं। वहां का शहद अब ब्रांच बनकर शहरों में बेचा जा रहा है, जिससे हजारों ग्रामीण किसानों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

नगालैंड की क्लीफ हनी हंटिंग के बारे में उन्होंने बताया कि यह पूरे देश में शहद उत्पादन की सबसे खतरनाक तकनीक है। यहाँ मधुमक्खियां ऊँची पहाड़ियों पर अपना छत्ता बनाती हैं और किसान मधुमक्खियों से आज्ञा लेकर शहद बनाने का कार्य करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय संस्कृति और कृषि की समृद्धि को भी दर्शाता है। पीएम मोदी का यह संवाद विभिन्न राज्यों की परंपराओं और उनके योगदान को मान्यता देता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने 'मन की बात' में किस विषय पर चर्चा की?
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में शहद उत्पादन, वंदे मातरम की 150 वर्षगांठ, और टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग पर चर्चा की।
भारत में शहद उत्पादन में कितनी वृद्धि हुई है?
भारत में शहद उत्पादन 11 साल में 76,000 मीट्रिक टन से बढ़कर डेढ़ लाख मीट्रिक टन हो गया है।
रामबन सुलाई शहद को क्या विशेषता है?
रामबन सुलाई शहद सफेद रंग का होता है और इसे जीआई टैग भी मिला है, जो इसे देशभर में पहचान दिलाता है।
राष्ट्र प्रेस
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