क्या पीएम मोदी ने 'मन की बात' में रामबन सुलाई शहद का जिक्र किया?
सारांश
Key Takeaways
- रामबन सुलाई हनी को जीआई टैग मिला है।
- इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 143 टन है।
- पीएम मोदी ने इसे 'मन की बात' में उल्लेख किया।
- स्थानीय किसानों में खुशी की लहर है।
- यह शहद जैविक और उच्च गुणवत्ता का है।
रामबन, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' के 128वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम को जम्मू-कश्मीर के रामबन के किसानों ने भी सुना।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शहद की मिठास में गहरी परंपराएं और प्रकृति के साथ सामंजस्य छिपा है। जम्मू-कश्मीर के रामबन सुलाई शहद, जो सुलाई के फूलों से बनाया जाता है, उसे अब जीआई टैग प्राप्त है। इस कार्यक्रम में इसका जिक्र होने पर किसानों ने खुशी जाहिर की है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, "हमारे पास शब्द नहीं हैं कि हम पीएम मोदी की तारीफ करें। जितनी तारीफ करें, उतनी कम है। मधुमक्खी पालन का भविष्य उज्ज्वल है।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जिक्र किए जाने से रामबन को चार-चांद लग गए हैं। हम में खुशी की लहर है। उनके लिए हमारे दिल में बहुत सम्मान है। सुलाई एक ऐसी चीज है, जो पूरे भारत में सिर्फ रामबन जिले में पाई जाती है। यह जीआई टैग में आ चुका है। पहले वीवीआईपी को गिफ्ट और नाश्ते में इसे दिया जाता था।
एक अन्य ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा रामबन जिले का जिक्र किया जाना ऐसा लग रहा है, जैसे यह कोई सपना हो। रामबन सुलाई हनी एक ऐसा पौधा है, जो केवल रामबन में पाया जाता है। अन्य जगहों पर भी यह पाया जाता है, लेकिन मात्रा बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि रामबन सुलाई हनी का सालाना उत्पादन 143 टन होता है। इस पौधे का फूल अक्टूबर में खिलता है और यह जंगलों में ही मिलता है। इसलिए यह ऑर्गेनिक हनी ही होता है। पीएम मोदी द्वारा इसका जिक्र किए जाने के बाद इसकी डिमांड बढ़ जाएगी। यदि कोई इस बिजनेस में आना चाहता है, तो उसका स्वागत है। हम इसका उत्पादन बढ़ाना चाहते हैं और इसे एक हजार टन तक पहुंचाना चाहते हैं।
'मन की बात' के 128वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कहा, "नवंबर का महीना कई प्रेरणाएं लेकर आया है। कुछ दिन पहले, 26 नवंबर को पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल में एक खास प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया गया था। 'वंदे मातरम' की 150वीं सालगिरह के मौके पर देश भर में बड़े इवेंट्स की सीरीज शुरू हुई। 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर 'धर्म ध्वज' फहराया गया।"