कोलकाता के NRS अस्पताल में नर्स का शव वाशरूम में मिला, पोस्टमार्टम के बाद मौत का कारण होगा स्पष्ट
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के एन.आर.एस. मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को एक महिला नर्सिंग स्टाफ का शव रहस्यमय परिस्थितियों में अस्पताल के वाशरूम से बरामद किया गया। यह अस्पताल मध्य कोलकाता में स्थित है और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित है। मृतका की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मुख्य घटनाक्रम
मृतका की उस रात नाइट ड्यूटी थी और उसे गायनेकोलॉजी विभाग के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में तैनात किया गया था। जब वह ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गई, तो उसके सहकर्मियों ने तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान अस्पताल के वाशरूम में उसका शव मिला।
अस्पताल अधिकारियों को पुलिस द्वारा घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मौत की वास्तविक वजह शव परीक्षण रिपोर्ट के आने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल जाँच जारी है।
आरजी कर कांड की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग के सेमीनार रूम से एक महिला जूनियर डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। जाँच में यह सामने आया था कि उसकी हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। उस घटना ने पूरे पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था।
गौरतलब है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज भी राज्य सरकार द्वारा संचालित है और उत्तर कोलकाता में स्थित है। उस घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के आदेश दिए थे। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि बीते दो वर्षों में इन आदेशों के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं।
NRS अस्पताल में सुरक्षा और प्रशासन पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब NRS मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लापरवाही के मामले सामने आए हों। मार्च 2026 में इसी अस्पताल में एक खराब एलिवेटर में फँसकर एक व्यक्ति की मौत हो गई थी — वह लिफ्ट लंबे समय से बंद पड़ी थी और अस्पताल कर्मचारी उसका उपयोग नहीं कर रहे थे।
इसी महीने एक वृद्ध मरीज की भी मौत हो गई थी, क्योंकि उसे शौचालय जाने के लिए स्ट्रैचर उपलब्ध नहीं कराया गया। ये घटनाएँ राज्य के सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधन की स्थिति पर गहरे सवाल खड़े करती हैं।
आगे की जाँच और प्रतीक्षित कदम
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि मौत स्वाभाविक थी, दुर्घटनावश हुई, या इसमें कोई अन्य पहलू शामिल है। अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह घटना एक बार फिर पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को केंद्रीय बहस में ला सकती है।