वजन घटाने के लिए ओट्स: क्या जानना है जरूरी?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 23 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आज की तेज रफ्तार वाली जिंदगी में सभी का फिट रहना जरूरी है। विशेष रूप से जब वजन घटाने की बात आती है, तो लोग ऐसे खाद्य पदार्थों की तलाश में रहते हैं जो न केवल हेल्दी हों बल्कि पेट को भी भरें। इस संदर्भ में ओट्स एक उत्कृष्ट विकल्प साबित होते हैं। ओट्स में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स की प्रचुर मात्रा होती है, जो न केवल शरीर को पोषण प्रदान करती है, बल्कि लंबे समय तक भूख को भी नियंत्रित रखती है। यही कारण है कि ओट्स को वेट लॉस डाइट में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। लेकिन जब ओट्स की बात आती है, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि वजन घटाने के लिए कौन से ओट्स ज्यादा प्रभावी हैं? इस पर वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया।
ओवरनाइट ओट्स को बिना पकाए, दूध, दही या पानी में भिगोकर रात भर फ्रिज में रखा जाता है और सुबह नाश्ते में खाया जाता है। अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर 'बीटा-ग्लूकॉन' सक्रिय रहता है, जो पाचन को धीमा करता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और अनहेल्दी स्नैक्स से दूरी बनी रहती है।
यह ध्यान देने योग्य है कि ओवरनाइट ओट्स में प्रोसेसिंग कम होती है और यदि इसमें शुगर या फैट्स नहीं मिलाए जाएं, तो यह एक कम कैलोरी वाला बेहतरीन विकल्प बन जाता है। यदि इन्हें दही के साथ मिलाया जाए, तो इसमें प्रोबायोटिक्स भी मिलते हैं, जो पाचन तंत्र को सुधारते हैं और मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन घटाने में सहायता करते हैं।
दूसरी ओर, पके हुए ओट्स को दूध या पानी में उबालकर तैयार किया जाता है और इसमें फल या नट्स मिलाए जाते हैं। यह पेट को गर्माहट देने वाला और सर्दियों में बेहद आरामदायक होता है। इसमें भी फाइबर और बीटा-ग्लूकॉन होता है, जो पाचन प्रक्रिया को धीमा कर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। हालांकि, पकाने की प्रक्रिया में कुछ पोषक तत्व कम हो सकते हैं, और यदि इसमें अधिक मात्रा में दूध, शहद, ड्राई फ्रूट्स या अन्य हाई कैलोरी सामग्री मिलाई जाए, तो इसकी कुल कैलोरी बढ़ सकती है, जिससे वजन तेजी से कम हो सकता है।
अध्ययन में वजन घटाने के मामले में ओवरनाइट ओट्स को थोड़ा बेहतर माना गया है। यह कम कैलोरी में अधिक पोषण देता है, भूख को नियंत्रित करता है और मेटाबॉलिज्म को सक्रिय बनाए रखता है। हालाँकि, दोनों ही विकल्प स्वास्थ्यवर्धक हैं और यदि सही सामग्री के साथ खाए जाएं, तो दोनों से लाभ होता है।