28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पेट फूलना: सिर्फ गैस नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेट फूलना: सिर्फ गैस नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है

सारांश

क्या आप पेट फूलने को सामान्य समझते हैं? जानिए इसके पीछे छिपी स्वास्थ्य समस्याएं। रोज़ाना की आदतें और तनाव इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। समय रहते पहचानें, क्योंकि यह गंभीर स्वास्थ्य संकेत हो सकते हैं।

मुख्य बातें

पेट फूलना केवल गैस नहीं, गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
पाचन तंत्र का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है।
तनाव और हार्मोनल असंतुलन के प्रभावों को नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए।
समय पर चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
आयुर्वेद में पेट फूलने के उपचार के तरीके हैं।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान की तेज़ जीवनशैली में पेट से जुड़ी समस्याएं आम होती जा रही हैं। बहुत से लोग पेट फूलने को एक साधारण गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। विज्ञान और आयुर्वेद दोनों इसे मानते हैं कि हमारा पाचन तंत्र शरीर का एक महत्वपूर्ण आधार है। जब आंतें लगातार संकेत दें, तो उन्हें अनदेखा करना ठीक नहीं है। बार-बार होने वाला ब्लोटिंग यानी पेट फूलना शरीर का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है, जिसे गंभीरता से लेना चाहिए।

सबसे पहले यह जानना आवश्यक है कि एसिडिटी और ब्लोटिंग एक समान नहीं होते, हालांकि कभी-कभी दोनों एक साथ होते हैं। एसिडिटी में सीने में जलन, खट्टे डकार या ऊपरी पेट में जलन का अनुभव होता है। जबकि ब्लोटिंग में पेट में भारीपन, दबाव या सूजन जैसा अनुभव होता है। विज्ञान के अनुसार, यह गैस बनने के कारण हो सकता है। आयुर्वेद इसे अग्नि यानी पाचन शक्ति की कमजोरी और वात के बढ़ने से जोड़ता है। जब पाचन ठीक से नहीं होता, तब अधपचा भोजन गैस बनाता है और पेट फूल जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी ज़्यादा खाना, तला-भुना भोजन, देर रात खाने या ठंडे पेय लेने के बाद पेट फूलना सामान्य है, लेकिन जब यह रोज़ की समस्या बन जाए, तो चिंता की बात है। यदि हर दिन खाने के बाद पेट फूलता है, पेट में दर्द होता है, कब्ज या दस्त होते हैं, जल्दी से पेट भर जाता है या बिना कारण वजन कम हो रहा है, तो ये संकेत गंभीर हो सकते हैं। चिकित्सा इसे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, मेटाबॉलिक गड़बड़ी या हार्मोनल असंतुलन से जोड़कर देखती है।

हार्मोन और थायरॉयड का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। जब थायरॉयड की क्रिया कमज़ोर होती है, तब आंतों की गति धीमी हो जाती है और कब्ज व गैस की समस्या बढ़ सकती है। महिलाओं में पीरियड्स या पेरिमेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर में पानी रुक सकता है, जिससे पेट भारी महसूस होता है। तनाव भी एक महत्वपूर्ण कारण है। वैज्ञानिक अनुसंधान बताते हैं कि हमारा मस्तिष्क और आंतें एक दूसरे से जुड़े होते हैं। जब हम तनाव में होते हैं, तब आंतों की गति और वहां मौजूद अच्छे बैक्टीरिया प्रभावित होते हैं। आयुर्वेद भी मन और शरीर के इस संबंध को मानता है और कहता है कि चिंता वात को बढ़ाती है, जिससे गैस और सूजन बढ़ सकती हैं।

इस स्थिति में सवाल उठता है कि कब जांच करानी आवश्यक है। यदि ब्लोटिंग दो से तीन हफ्तों से अधिक समय तक बनी रहे, भूख कम हो जाए, नींद प्रभावित हो या रोज़मर्रा के कार्य प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। जांच में आमतौर पर खून की जांच की जाती है, जिसमें थायरॉयड और एनीमिया की जांच शामिल हो सकती है। आवश्यकता पड़ने पर मल परीक्षण, अल्ट्रासाउंड या एंडोस्कोपी जैसी जांच भी की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे गंभीरता से लेना आवश्यक है। दैनिक जीवन में इसके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है, इसलिए समय पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेट फूलने के सामान्य कारण क्या हैं?
पेट फूलने के सामान्य कारणों में अधिक खाना, तला-भुना भोजन, तनाव और पाचन शक्ति का कमजोर होना शामिल हैं।
कब पेट फूलने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि पेट फूलना दो से तीन हफ्तों से अधिक समय तक जारी रहे या अन्य लक्षण जैसे भूख कम होना या नींद में समस्या हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
क्या तनाव पेट फूलने का कारण बन सकता है?
जी हां, तनाव भी पेट फूलने का एक महत्वपूर्ण कारण है, क्योंकि यह आंतों की गति को प्रभावित करता है।
क्या आयुर्वेद में पेट फूलने का उपचार है?
आयुर्वेद में पेट फूलने के लिए पाचन शक्ति को मजबूत करने के उपाय और आहार परिवर्तन सुझाए जाते हैं।
क्या थायरॉयड से पेट फूलने की समस्या हो सकती है?
हाँ, थायरॉयड की कमी से आंतों की गति धीमी हो सकती है, जिससे कब्ज और गैस की समस्या बढ़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले