पीरियड्स में ऐंठन और तनाव से मुक्ति के लिए मैग्नीशियम का महत्व, महिलाओं को अपने आहार में शामिल करना चाहिए
सारांश
Key Takeaways
- मैग्नीशियम पीरियड्स के दौरान ऐंठन और दर्द को कम करता है।
- यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
- मानसिक स्वास्थ्य और नींद को बेहतर बनाता है।
- हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
- हरी सब्जियां, अंकुरित दाने और साबुत अनाज में पाया जाता है।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हर महिला अपनी सेहत का खास ध्यान रखती है, लेकिन कई बार हम यह भूल जाते हैं कि सूक्ष्म पोषक तत्व भी हमारे स्वास्थ्य के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। इनमें से एक है मैग्नीशियम, जो मांसपेशियों और हड्डियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अक्सर ऐंठन और दर्द की समस्या होती है, और यह पोषक तत्व इस समस्या को कम करने में सहायक होता है।
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में वात और पित्त के असंतुलन के कारण भी दर्द और ऐंठन बढ़ सकते हैं, और मैग्नीशियम इन तत्वों को संतुलित
हड्डियों की मजबूती के लिए केवल कैल्शियम ही नहीं, बल्कि मैग्नीशियम भी जरूरी है। आयुर्वेद में इसे धातु पोषक तत्व माना गया है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। यदि मैग्नीशियम की कमी हो जाए, तो हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। कैल्शियम और मैग्नीशियम का संतुलन शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है, और इनका संतुलित सेवन लंबे समय तक हड्डियों की सेहत को बनाए रखता है।
मैग्नीशियम का प्रभाव महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और नींद पर भी पड़ता है। तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं में इसकी कमी स्पष्ट होती है। वैज्ञानिक अनुसंधान के अनुसार, पर्याप्त मैग्नीशियम का सेवन करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और शरीर में तनाव कम होता है। आयुर्वेद में इसे मस्तिष्क और नाड़ियों का पोषक माना गया है, जो सोचने और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाता है।
माइग्रेन, यानी सिर में तेज दर्द का असर भी महिलाओं में अक्सर मैग्नीशियम की कमी से संबंधित होता है। कई अनुसंधानों में यह पाया गया है कि यदि महिलाओं को नियमित रूप से मैग्नीशियम युक्त आहार मिलता रहे तो माइग्रेन अटैक की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त, हृदय स्वास्थ्य के लिए भी यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पोषक तत्व का नियमित सेवन करने से हृदय की गति संतुलित रहती है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
आयुर्वेद और विज्ञान दोनों के अनुसार, मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा प्राप्त करने के लिए हरी सब्जियां, अंकुरित दाने, मेवे, दलहन और साबुत अनाज को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।