क्या अदरक की चाय और मैग्नीशियम युक्त आहार से पीरियड के दर्द में राहत मिल सकती है?
सारांश
Key Takeaways
- गर्म सिकाई से मांसपेशियों में आराम मिलता है।
- अदरक की चाय पीने से दर्द कम होता है।
- योग से तनाव कम होता है।
- मैग्नीशियम युक्त आहार से ऐंठन कम होती है।
- हाइड्रेशन दर्द को घटाता है।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महिलाओं के लिए मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द होना एक आम समस्या है। यह दर्द कभी-कभी इतना तीव्र हो जाता है कि दैनिक गतिविधियाँ भी कठिन हो जाती हैं। ऐसे में लगातार दवाओं का सेवन स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, आयुर्वेद और विज्ञान के अनुसार, कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाना अधिक सुरक्षित और प्रभावी है। ये उपाय न केवल दर्द को कम करते हैं, बल्कि शरीर को आराम और ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।
गर्म सिकाई सबसे पुराना और सरल उपाय है। एक गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड को पेट के निचले हिस्से पर रखने से मांसपेशियों में आराम मिलता है और रक्त का प्रवाह भी बेहतर होता है। इससे मांसपेशियों की ऐंठन कम होती है और दर्द धीरे-धीरे कम होता है। आयुर्वेद में इसे मांसपेशियों के दर्द में राहत देने वाला माना गया है। इसे रोजाना 10-15 मिनट के लिए करना काफी लाभकारी होता है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
अदरक की चाय पीरियड के दर्द में राहत देने का एक और प्रभावी उपाय है। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेट्री और दर्द निवारक गुण होते हैं, जो सूजन को कम करते हैं। ईरान और अन्य देशों में हुई कई शोधों में यह सिद्ध हुआ है कि अदरक पाउडर या ताजा अदरक का सेवन दर्द को कम करने में सहायक होता है। इसे आप चाय में डालकर पी सकते हैं या खाना बनाते समय शामिल कर सकते हैं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है और पेट की ऐंठन कम होती है।
योग और हल्की-फुल्की एक्टिविटी भी पीरियड के दर्द में सहायक हैं। हल्की एक्सरसाइज करने से रक्त संचार बढ़ता है और मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है। बालासन और मार्जरासन जैसे योगासन मांसपेशियों को आराम देते हैं और पेट के निचले हिस्से में दर्द को कम करते हैं। नियमित योग करने से शरीर में तनाव भी कम होता है, जिससे दर्द पर मानसिक दबाव भी घटता है।
डाइट में मैग्नीशियम युक्त चीजें शामिल करना भी लाभकारी है। मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स और सीड्स इसके अच्छे स्रोत हैं। इन्हें नियमित आहार में शामिल करने से पेट की ऐंठन और पीरियड पेन दोनों कम होते हैं।
हाइड्रेशन का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने और हर्बल टी लेने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और मांसपेशियां सख्त नहीं होती। सौंफ वाली चाय ब्लोटिंग को कम करती है और पेट को हल्का महसूस कराती है। पानी और हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स पीरियड के दर्द को प्राकृतिक रूप से घटाने में मदद करते हैं।