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इन योगासनों से पाएं पीरियड्स के दर्द और तनाव से राहत, आयुष मंत्रालय की सलाह

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इन योगासनों से पाएं पीरियड्स के दर्द और तनाव से राहत, आयुष मंत्रालय की सलाह

सारांश

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जानें, कैसे कुछ विशेष योगासन इन समस्याओं से राहत दिला सकते हैं।

मुख्य बातें

सुप्त बद्ध कोणासन पेल्विक क्षेत्र को खोलता है और रक्त संचार बढ़ाता है।
पश्चिमोत्तानासन पीठ और पैरों की मांसपेशियों को खींचता है।
वक्रासन पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
बालासन थकान और मूड स्विंग्स को कम करता है।
सेतु बंधासन हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है।

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिलाओं को अक्सर पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान, मूड स्विंग्स और अनियमित चक्र जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ विशेष योगासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग इन समस्याओं को प्राकृतिक तरीके से कम करने में बहुत सहायक होता है। नियमित योगाभ्यास से मासिक धर्म चक्र सही रहता है, दर्द में कमी आती है और मानसिक तनाव भी घटता है। मंत्रालय ने महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य सुधारने के लिए कुछ आसान और प्रभावी योगासनों को अपनाने की सलाह दी है। ये आसन घर पर भी किए जा सकते हैं और पीरियड्स के दौरान होने वाली असुविधाओं को काफी हद तक कम करने में सहायक हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन आसनों का नियमित अभ्यास न केवल मासिक धर्म संबंधी शारीरिक समस्याओं को कम करता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। योग अभ्यास के साथ-साथ माइंडफुलनेस बनाए रखना भी आवश्यक है। हालांकि, यदि पीरियड्स के दौरान दर्द बहुत अधिक हो, तो डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। एक स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद के साथ योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

बेहतर मासिक धर्म स्वास्थ्य के लिए सुप्त बद्ध कोणासन करें, यह आसन पेल्विक क्षेत्र को खोलता है, रक्त संचार बढ़ाता है और पेट व कमर के दर्द को कम करता है। पश्चिमोत्तानासन यह आसन पीठ और पैरों की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे मासिक धर्म संबंधी ऐंठन और दर्द में राहत मिलती है। यह तनाव भी कम करता है। वहीं, वक्रासन रीढ़ की हड्डी को मोड़ने वाला यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में मदद करता है।

बालासन या बच्चे की मुद्रा कहलाने वाला यह आसन शरीर को गहरी छूट देता है। पीरियड्स के दौरान होने वाली थकान और मूड स्विंग्स को शांत करता है। सेतु बंधासन, जिसे पुल मुद्रा भी कहते हैं, आसन कमर और पेल्विक क्षेत्र को मजबूत बनाता है और हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही विपरीत करणी भी राहत प्रदान करता है। दीवार के सहारे पैर ऊपर करके लेटने वाला यह आसन रक्त प्रवाह को सुधारता है और पैरों में सूजन तथा थकान को कम करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या योगासन पीरियड्स के दर्द में राहत दिला सकते हैं?
जी हाँ, नियमित योगासन पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं।
कौन से योगासन पीरियड्स के दौरान किए जा सकते हैं?
सुप्त बद्ध कोणासन, पश्चिमोत्तानासन, वक्रासन, बालासन और सेतु बंधासन जैसे आसन किए जा सकते हैं।
क्या योग के साथ अन्य उपाय भी करने चाहिए?
हां, स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी आवश्यक हैं।
यदि दर्द बहुत ज्यादा हो तो क्या करना चाहिए?
ऐसे में डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
क्या योग केवल महिलाओं के लिए है?
नहीं, योग सभी के लिए फायदेमंद है, लेकिन महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से सहायक हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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