26 जुलाई 2026
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क्या पीरियड्स के दौरान योग करना चाहिए? जानें विशेषज्ञों की राय

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क्या पीरियड्स के दौरान योग करना चाहिए? जानें विशेषज्ञों की राय

सारांश

क्या आप भी सोचते हैं कि पीरियड्स के दौरान योग करना हानिकारक है? जानें विशेषज्ञों का क्या कहना है और योग के फायदों के बारे में।

मुख्य बातें

हल्का योग पीरियड्स के दौरान दर्द कम करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, योग से तनाव और चिड़चिड़ापन कम होता है।
कुछ आसन पीठ दर्द को भी कम करने में मदद करते हैं।
योग से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।
योग महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य में भी मदद करता है।

नई दिल्ली, 3 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मासिक धर्म, जिसे हम पीरियड्स के नाम से जानते हैं, के दौरान योगासन करना चाहिए या नहीं, इस पर समाज में कई मिथक फैले हुए हैं। लोगों का मानना ​​है कि इस समय व्यायाम करना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ और नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, यह सही नहीं है।

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, हल्का योग और व्यायाम पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान और मूड स्विंग्स को कम करने में मददगार साबित होते हैं। यह एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके से स्वस्थ रहने का एक साधन है।

सबसे आम गलतफहमी यह है कि पीरियड्स में योग या कोई भी शारीरिक गतिविधि नहीं करनी चाहिए। हालाँकि, कुछ योगासन शरीर को आराम देते हैं और पीरियड्स से संबंधित समस्याओं को कम करते हैं। लेकिन भारी व्यायाम से बचना सबसे अच्छा है।

पीरियड्स के दौरान हल्का योग केवल दर्द को कम नहीं करता, बल्कि महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि पीरियड्स के दिनों में बालासन, सुप्त बद्ध कोणासन, विपरीत करणी, मार्जरिआसन और शवासन जैसे आसनों का अभ्यास करें। इन्हें धीरे-धीरे और अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए। अगर दर्द बहुत अधिक हो या अधिक रक्तस्राव हो, तो डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें।

पीरियड्स में योग करने के कई लाभ हैं। यह ऐंठन और पेट दर्द में राहत प्रदान करता है। योग के माध्यम से पेट और पीठ की मांसपेशियों में विश्राम मिलता है, जिससे क्रैम्प्स और दर्द काफी हद तक कम हो जाते हैं। शरीर को आराम मिलता है और हल्की स्ट्रेचिंग और श्वास संबंधी व्यायाम से शरीर में तनाव कम होता है और थकान दूर होती है। तनाव और चिड़चिड़ापन भी घटता है। पीरियड्स के दौरान हार्मोनल परिवर्तन से मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन होना सामान्य है। योग से मन शांत रहता है और चिड़चिड़ापन कम होता है।

पीठ और कमर दर्द में भी सुधार होता है। कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पीठ दर्द की समस्या होती है। योग के कुछ आसन इस दर्द को बहुत हद तक कम कर देते हैं। इसके अलावा, यह समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में भी मदद करता है। नियमित हल्का योग रक्त संचार को बेहतर बनाता है, पाचन को ठीक रखता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हल्के योगाभ्यास करना महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पीरियड्स में योग करने से दर्द कम होता है?
हाँ, हल्का योग करने से पीरियड्स के दर्द में राहत मिल सकती है।
कौन से योगासन पीरियड्स के दौरान किए जा सकते हैं?
बालासन, सुप्त बद्ध कोणासन, विपरीत करणी, मार्जरिआसन और शवासन जैसे आसनों का अभ्यास किया जा सकता है।
क्या भारी व्यायाम पीरियड्स में करना चाहिए?
नहीं, भारी व्यायाम से बचना चाहिए, हल्का योग करना बेहतर है।
योग से मूड स्विंग्स में मदद मिलती है?
जी हाँ, योग से मन को शांति मिलती है और मूड स्विंग्स कम होते हैं।
यदि दर्द बहुत अधिक हो तो क्या करना चाहिए?
यदि दर्द ज्यादा है, तो तुरंत डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें।
राष्ट्र प्रेस
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