26 जुलाई 2026
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चंद्रबाबू नायडू का टीडीपी कार्यकर्ताओं को निर्देश: 45 दिन घर-घर जाकर गठबंधन की उपलब्धियाँ बताएं

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चंद्रबाबू नायडू का टीडीपी कार्यकर्ताओं को निर्देश: 45 दिन घर-घर जाकर गठबंधन की उपलब्धियाँ बताएं

सारांश

चंद्रबाबू नायडू ने टेलीकॉन्फ्रेंस के ज़रिए पार्टी नेताओं को 45 दिवसीय घर-घर अभियान का आदेश दिया — 2024 में 94% सीटें जीतने वाली गठबंधन सरकार अब स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपनी दो साल की उपलब्धियाँ जनता तक पहुँचाने की रणनीति पर उतरी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 26 जुलाई 2026 को टेलीकॉन्फ्रेंस के ज़रिए टीडीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
सोमवार से आंध्र प्रदेश में 45 दिवसीय डोर-टू-डोर अभियान शुरू होगा, जिसमें मंत्री, सांसद, विधायक और एमएलसी सभी भाग लेंगे।
2024 विधानसभा चुनाव में गठबंधन ने 94% सीटें और 57% वोट हासिल किए थे।
नायडू के अनुसार, पिछली वाईएसआरसीपी सरकार 151 सीटों से घटकर 11 सीटों पर सिमट गई।
अभियान में युवा-कल्याण योजनाओं और वाईएसआरसीपी की नीतियों की आलोचना को प्रमुखता से रखने का निर्देश।
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन की सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने 26 जुलाई 2026 को पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे राज्य में गठबंधन सरकार के दो वर्षों की उपलब्धियों को सीधे जनता के दरवाज़े तक पहुँचाएं। अमरावती से टेलीकॉन्फ्रेंस के ज़रिए वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह चुनाव में वोट माँगने घर-घर गए थे, उसी समर्पण से अब वादों की पूर्ति का संदेश पहुँचाना ज़रूरी है।

45 दिवसीय डोर-टू-डोर अभियान का आगाज़

सोमवार से पूरे आंध्र प्रदेश में 45 दिवसीय डोर-टू-डोर अभियान शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में मंत्री, सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सहित पूरी पार्टी मशीनरी को सक्रिय रूप से भाग लेना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि यदि जनता के मन में कोई सवाल या संदेह हो, तो उसे सरल भाषा में दूर किया जाए।

2024 चुनाव का जनादेश और गठबंधन की स्थिति

नायडू ने याद दिलाया कि 2024 के विधानसभा चुनाव में जनता ने गठबंधन को ऐतिहासिक जनादेश दिया था। उनके अनुसार, गठबंधन ने 94 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल की और 57 प्रतिशत वोट प्राप्त किए। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार अपनी नीतियों और फैसलों के कारण 151 सीटों से घटकर मात्र 11 सीटों पर सिमट गई। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं।

युवाओं और जनता के हितों पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि गठबंधन सरकार की युवा-कल्याण योजनाओं को प्रमुखता से जनता के सामने रखा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी ने युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाया और यह मान लिया था कि केवल धन खर्च करके चुनाव जीता जा सकता है। नायडू ने कहा कि जनता का विश्वास और प्यार धन से नहीं, बल्कि काम से जीता जाता है।

नेतृत्व क्षमता और संगठन पर बल

गौरतलब है कि नायडू ने केवल चुनावी तैयारी की बात नहीं की — उन्होंने संगठन की गुणवत्ता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो समस्याओं का समाधान कर सकें और नेतृत्व क्षमता विकसित करें, न कि केवल समर्थकों की भीड़ जुटाएं। कार्यकर्ताओं को जनता और पार्टी संगठन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई।

आगे की राह: स्थानीय निकाय चुनाव और सत्ता की वापसी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री नायडू ने विश्वास जताया कि अगली बार भी गठबंधन सरकार सत्ता में लौटेगी, लेकिन साथ ही चेताया कि किसी भी तरह की लापरवाही या जनता को नापसंद आने वाले व्यवहार से बचना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन की सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य है और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम करना होगा। राज्य के विकास के लिए गठबंधन सरकार का बने रहना ज़रूरी है — यह संदेश हर नागरिक तक पहुँचाना इस अभियान की केंद्रीय भावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ ज़मीनी समर्थन को मतों में बदलना असली परीक्षा होगी। नायडू का 'उपलब्धियाँ बताओ' का फॉर्मूला तभी काम करेगा जब कार्यकर्ता ठोस, जीवन-बदलने वाले उदाहरण जनता के सामने रख सकें — महज़ चुनावी आँकड़े नहीं। आलोचकों का कहना है कि वाईएसआरसीपी पर हमले से ध्यान उन वादों से हट सकता है जिनकी अभी तक पूर्ण पूर्ति नहीं हुई। असली सवाल यह है कि क्या दो साल की शासन-गाथा जनता को अगले चुनाव तक बाँधे रख सकती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रबाबू नायडू का 45 दिवसीय डोर-टू-डोर अभियान क्या है?
यह आंध्र प्रदेश में सोमवार से शुरू होने वाला 45 दिन का घर-घर जन-संपर्क अभियान है, जिसमें टीडीपी के मंत्री, सांसद, विधायक और एमएलसी गठबंधन सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियाँ सीधे नागरिकों तक पहुँचाएंगे। मुख्यमंत्री नायडू ने 26 जुलाई 2026 को टेलीकॉन्फ्रेंस के ज़रिए इसके दिशा-निर्देश दिए।
2024 आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन को कितनी सीटें मिलीं?
नायडू के अनुसार, 2024 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन ने 94 प्रतिशत सीटें जीतीं और 57 प्रतिशत वोट हासिल किए। वाईएसआरसीपी 151 सीटों से घटकर केवल 11 सीटों पर सिमट गई।
यह अभियान आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से कैसे जुड़ा है?
मुख्यमंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन की सभी सीटों पर जीत सुनिश्चित करना है। जनता से सीधा संवाद स्थापित कर पार्टी ज़मीनी समर्थन मज़बूत करना चाहती है।
नायडू ने वाईएसआरसीपी पर क्या आरोप लगाए?
नायडू ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी ने युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाया और यह मान लिया था कि केवल धन खर्च करके चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से वाईएसआरसीपी की नीतियों और कार्यशैली को भी जनता के सामने उजागर करने का आह्वान किया।
टीडीपी कार्यकर्ताओं से किस तरह के नेतृत्व की अपेक्षा की गई?
नायडू ने कहा कि पार्टी को केवल समर्थकों की नहीं, बल्कि ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो समस्याओं का समाधान कर सकें और नेतृत्व क्षमता विकसित करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जनता और पार्टी संगठन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने की सलाह दी।
राष्ट्र प्रेस
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