क्या पीरियड्स में योगासन करना चाहिए? जानें विशेषज्ञों की राय
सारांश
Key Takeaways
- हल्का योग दर्द और थकान को कम करता है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, योगासन मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारता है।
- पीरियड्स के दौरान योग करने से चिड़चिड़ापन कम होता है।
नई दिल्ली, ३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मासिक धर्म अर्थात् पीरियड्स के दिनों में योगासन करना चाहिए या नहीं, इस विषय पर समाज में कई भ्रांतियाँ मौजूद हैं। अनेक लोग मानते हैं कि इस समय व्यायाम या योग करने से शरीर को हानि पहुँचती है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, यह धारणा गलत है।
नेशनल हेल्थ मिशन का मानना है कि हल्के फुल्के योग और व्यायाम पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान और मूड स्विंग्स को कम करने में सहायक होते हैं। यह स्वस्थ रहने का एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है।
सबसे आम भ्रांति यह है कि पीरियड्स में योग या किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि नहीं की जानी चाहिए, लेकिन योग के कुछ आसन शरीर को आराम देते हैं और पीरियड्स से संबंधित समस्याओं को कम करते हैं। भारी व्यायाम से बचना चाहिए।
पीरियड्स के दौरान हल्का योग न केवल दर्द कम करता है, बल्कि महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पीरियड्स के दिनों में बालासन, सुप्त बद्ध कोणासन, विपरीत करणी, मार्जरिआसन और शवासन जैसे आसन करें। इन आसनों को धीरे-धीरे और अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए। यदि अत्यधिक दर्द या अधिक ब्लीडिंग हो, तो डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
पीरियड्स में योग करने के अनेक लाभ हैं। यह ऐंठन और पेट दर्द में राहत देने में मदद करता है। योग से पेट और पीठ की मांसपेशियाँ रिलीक्स होती हैं, जिससे क्रैम्प्स और दर्द में काफी कमी आती है। हल्के स्ट्रेचिंग और श्वास लेने के व्यायाम से शरीर में तनाव कम होता है और थकान दूर होती है। इसके अतिरिक्त, तनाव और चिड़चिड़ापन भी घटता है। पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण मूड स्विंग्स और गुस्सा आना सामान्य है। योग से मन शांत रहता है और चिड़चिड़ापन कम होता है।
पीठ और कमर के दर्द में भी सुधार होता है। कई महिलाओं को पीरियड्स में पीठ दर्द की समस्या होती है। योग के कुछ आसन इस दर्द को काफी हद तक कम कर देते हैं। साथ ही, यह संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायक है। नियमित हल्का योग रक्त संचार को बेहतर बनाता है, पाचन को ठीक रखता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।