झारखंड छात्र आंदोलन का 17वाँ दिन: एनडीए ने हेमंत सोरेन सरकार से माँगी सीबीआई जाँच
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में रांची में छात्रों का प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी रहा। छात्रों ने विधानसभा मार्च निकाला, जिसके बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए सीबीआई जाँच और छात्रों से तत्काल संवाद की माँग की। 10 अगस्त को एक साथ कई शहरों से उठी इन आवाज़ों ने झारखंड के छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय सियासी रंग दे दिया है।
भाजपा सांसद उज्ज्वल निकम का सोरेन सरकार पर निशाना
नई दिल्ली में भाजपा सांसद एवं वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने अब तक आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात क्यों नहीं की। उन्होंने कहा, 'हर कोई जानता है कि वहाँ किसकी सरकार है। क्या उन्होंने अब तक झारखंड में उन लोगों से मुलाकात की है?' निकम ने यह भी कहा कि छात्रों की माँगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार होना चाहिए, जैसा केंद्र सरकार ने किया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तक माँगा था।
हैदराबाद से भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास का कांग्रेस पर प्रहार
हैदराबाद में भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने सरकार पर 'अहंकार' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार अहंकार के ऊँचे बुर्ज पर बैठी है और नीचे नहीं आना चाहती।' श्रीनिवास ने जेपीएससी और जेएसएससी में हुई कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए पूछा कि जब सरकार नीट परीक्षा पर सवाल उठाती है, तो वह खुद अपने राज्य की भर्ती परीक्षाओं में सीबीआई जाँच से क्यों इनकार कर रही है।
जदयू महासचिव श्याम रजक ने माँगा धैर्य, विपक्ष पर लगाया गुमराह करने का आरोप
पटना में जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने माना कि मुख्यमंत्री सोरेन ने बातचीत की ज़रूरत स्वीकार की थी और कुछ चर्चा हुई भी। उन्होंने कहा कि सीआईडी जाँच जारी है और छात्रों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि कुछ राजनीतिक तत्व इस आंदोलन का फ़ायदा उठाकर छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
लोजपा सांसद शांभवी चौधरी ने की जवाबदेही की माँग
नई दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने छात्रों के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा, 'जहाँ भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन होता है, हम हमेशा जवाबदेही और पारदर्शिता के पक्ष में खड़े होते हैं।' उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का हवाला देते हुए कहा कि छात्र इस देश का भविष्य हैं और उनकी जवाबदेही की माँग हर राज्य में सुनी जानी चाहिए।
आंदोलन की पृष्ठभूमि और आगे की राह
यह आंदोलन जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ था। गौरतलब है कि झारखंड में परीक्षा घोटालों का यह पहला मामला नहीं है — राज्य पहले भी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर विवादों में रहा है। यह आंदोलन ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। एनडीए नेताओं की माँग है कि सोरेन सरकार सीबीआई जाँच को मंज़ूरी दे और छात्रों से सीधी बातचीत करे — अन्यथा सियासी दबाव और बढ़ने की आशंका है।