क्या राजस्थान सरकार अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो आरजीएचएस सेवाओं से इनकार कर रहे हैं?

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क्या राजस्थान सरकार अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो आरजीएचएस सेवाओं से इनकार कर रहे हैं?

सारांश

राजस्थान सरकार ने आरजीएचएस के तहत उपचार देने से इनकार करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। ऐसे अस्पतालों को योजना की सूची से बाहर किया जाएगा और नए अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। जानिए इस कदम का क्या असर होगा।

Key Takeaways

  • राजस्थान सरकार आरजीएचएस सेवाओं के तहत मरीजों के लिए बेहतर उपचार सुनिश्चित करेगी।
  • गैर-सहयोगी अस्पतालों को योजना से हटाने का निर्णय लिया गया है।
  • स्वास्थ्य विभाग ने लंबित भुगतान का बड़ा हिस्सा चुका दिया है।

जयपुर, २७ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो अस्पताल राजस्थान सरकारी स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) के तहत उपचार देने से इनकार करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि ऐसे अस्पतालों को योजना की सूची से हटा दिया जाएगा और उनके स्थान पर नए अस्पतालों को जोड़ा जाएगा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरजीएचएस के तहत सेवाएं न देने वाले अस्पतालों की एक सूची तैयार की जा रही है। नियमों के अनुसार उन पर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें पैनल से हटा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य के आधे से अधिक अस्पताल इस योजना के तहत उपचार प्रदान कर रहे हैं, लेकिन कुछ अस्पताल सहयोग नहीं कर रहे हैं। मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार हर प्रमुख क्षेत्र में नए अस्पतालों को जोड़ने की योजना बना रही है। अब तक पूरे प्रदेश से ३५० से अधिक अस्पताल इस योजना का हिस्सा बनने के लिए आवेदन कर चुके हैं।

वास्तव में, जयपुर के आस-पास के ५ से ७ निजी अस्पतालों में गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं। इन पर जांच की गई और लाखों रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद कुछ अस्पताल संचालकों ने जुर्माने से बचने के लिए नया संगठन बना लिया और आरजीएचएस के तहत सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया। उन्होंने पूरे प्रदेश के निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को भी इस विरोध में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि लंबित भुगतान का एक बड़ा हिस्सा चुका दिया गया है। अप्रैल से अब तक अस्पतालों को आरजीएचएस के तहत ८५० करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। मार्च २०२५ से पहले के लगभग सभी बकाए भी निपटाए जा चुके हैं। केवल उन अस्पतालों के भुगतान रोके गए हैं जिन पर गड़बड़ी की शिकायतें साबित हुई हैं या जिनकी जांच अभी चल रही है। ऐसे अस्पतालों को दिया गया भुगतान या तो जांच के दायरे में है या उल्लंघनों के कारण पहले ही रोक दिया गया है।

Point of View

जो सरकारी स्वास्थ्य योजना का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें हटाना एक सही दिशा में उठाया गया कदम है। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और अस्पतालों को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

राजस्थान सरकार ने आरजीएचएस सेवा में क्या बदलाव किए हैं?
राजस्थान सरकार ने उन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है जो आरजीएचएस सेवा में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
कितने अस्पतालों ने आरजीएचएस योजना में भाग लिया है?
अब तक 350 से अधिक अस्पतालों ने इस योजना में भाग लेने के लिए आवेदन किया है।