क्या सर्दियों का सुपरफूड हरी प्याज इम्युनिटी को नई ऊर्जा देती है?
सारांश
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नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों में हरी सब्जियों का प्रचुरता होती है, क्योंकि इस मौसम में हरी सब्जियों की अधिक पैदावार होती है।
बाजार में सर्दियों के दौरान हरी प्याज आसानी से उपलब्ध होती है और हर घर में इसकी सब्जी को बहुत पसंद किया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हरी प्याज की सब्जी न केवल स्वाद में इजाफा करती है, बल्कि पाचन को भी सुधारती है और विटामिन सी और के से भरपूर होती है।
हरी प्याज की पत्तियाँ और डंठल दोनों ही गुणकारी होते हैं। आधुनिक पोषण विज्ञान और आयुर्वेद इसे सर्दियों के लिए एक आवश्यक औषधि मानते हैं। इस मौसम में शरीर अधिक संवेदनशील हो जाता है और सर्द हवाओं से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण होने पर डॉक्टर सामान्यतः एंटीबायोटिक्स का उपयोग करने की सलाह देते हैं, लेकिन हरी प्याज में पहले से ही ये गुण मौजूद हैं। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो फेफड़ों में जमे कफ को साफ करने और श्वसन मार्ग की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। यह शरीर को गर्म रखने में भी सहायक है।
आयुर्वेद के अनुसार, हरी प्याज 'उष्ण' (गर्म) प्रकृति की होती है, जो सर्दियों में शरीर के आंतरिक तापमान को स्थिर रखने में मदद करती है। सर्दियों में हरी प्याज का सेवन करने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है और बाहर की सर्द हवा भी नुकसान नहीं पहुंचा पाती। इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स इसे एक 'सुपरफूड' की श्रेणी में रखते हैं। विटामिन के हड्डियों के घनत्व को बनाए रखता है और उन्हें कमजोर होने से रोकता है, जिससे हड्डियों की मजबूती बनी रहती है।
यह रक्त में थक्के बनाने की प्रक्रिया को भी सुचारू रखता है। चोट लगने पर थक्के बनना जरूरी होता है, लेकिन रक्त को गाढ़ा नहीं होने देना भी आवश्यक है।
हरी प्याज में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, जो सर्दियों में कमजोर हो रही इम्युनिटी को सहारा देती है। विटामिन सी न केवल शरीर के लिए, बल्कि बालों और त्वचा के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाता है। इसके अलावा, हरी प्याज में 'एलिसिन' नामक तत्व होता है, जो रक्त में जमने वाले और दिल को नुकसान पहुंचाने वाले कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
आप हरी प्याज को सब्जी के रूप में या सलाद के तौर पर खा सकते हैं। कुछ लोग इसका उपयोग गार्निशिंग के लिए भी करते हैं। इसका सेवन किसी भी रूप में किया जा सकता है, लेकिन इसे अधिक पकाने से बचें।