क्या घी वाली कॉफी शरीर की इम्युनिटी बढ़ाती है? जानें कैसे त्वचा और पाचन को बनाती है बेहतर
सारांश
Key Takeaways
- घी वाली कॉफी ऊर्जा बढ़ाती है।
- स्किन को हाइड्रेट करती है।
- पाचन को सुधारती है।
- वजन घटाने में मदद करती है।
- सर्दियों में बीमारियों से बचाती है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों में ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत कॉफी या चाय से करते हैं। लेकिन यदि इस आदत में एक छोटी सी चीज जोड़ी जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है। यह छोटी सी चीज है एक चम्मच घी। यदि कॉफी में एक चम्मच घी मिलाया जाए, तो दिनभर एनर्जी से भरा रह सकता है।
घी वाली कॉफी शरीर को अंदर से गर्म रखती है, त्वचा को नमी और चमक देती है, पाचन को सुधारती है और वजन घटाने में भी मदद करती है। विज्ञान के अनुसार, घी में मौजूद गुड फैट्स और विटामिन शरीर के मेटाबॉलिज्म और इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करने में सहायक होते हैं।
कॉफी में उपस्थित कैफीन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जो भोजन को जल्दी पचाने में मदद करता है। जब इस कॉफी में घी का गुड फैट मिलाया जाता है, तो शरीर ऊर्जा के लिए इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करता है, जिससे भूख कम लगती है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, पेट की जिद्दी चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
यह घी वाली कॉफी त्वचा पर नेचुरल ग्लो लाती है। सर्दियों की ठंडी और शुष्क हवा त्वचा की नमी छीन लेती है, जिससे चेहरे पर रूखापन और ड्राईनेस बढ़ जाती है। घी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ए त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखते हैं। रोजाना सुबह कॉफी में घी मिलाकर पीने से त्वचा अंदर से मॉइस्चराइज रहती है और आपको एक प्राकृतिक चमक मिलती है। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनकी त्वचा सर्दियों में जल्दी रूखी हो जाती है।
देसी घी की तासीर गर्म होती है। जब इसे ब्लैक कॉफी के साथ मिलाया जाता है, तो यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है। कड़ाके की ठंड में यह आपको बार-बार बीमार पड़ने से बचाता है और ठंड से होने वाली थकान को कम करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, घी शरीर के अंदरूनी तापमान को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे ऊर्जा स्तर स्थिर रहता है।
यह पाचन को सुधारता है। आमतौर पर कॉफी पीने से कुछ लोगों को पेट में जलन या एसिडिटी हो सकती है। घी इसमें प्राकृतिक रूप से एक 'लुब्रिकेंट' का काम करता है, जो भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से कब्ज की समस्या भी दूर होती है और आंतों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है। पाचन बेहतर होने से शरीर के अन्य अंगों पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
हालांकि, इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।