सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) क्या है? यूनिसेफ के अनुसार शिशु का जोखिम कैसे घटाएँ

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सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) क्या है? यूनिसेफ के अनुसार शिशु का जोखिम कैसे घटाएँ

सारांश

SIDS यानी सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम — जिसमें एक स्वस्थ शिशु बिना किसी चेतावनी के नींद में दम तोड़ देता है। यूनिसेफ कहता है कि यह दुर्लभ है, लेकिन सुरक्षित नींद के ABC नियम और धूम्रपान से दूरी जैसे सरल उपाय इस जोखिम को काफी हद तक घटा सकते हैं।

मुख्य बातें

SIDS में एक स्वस्थ शिशु की नींद के दौरान बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक मृत्यु हो जाती है।
यूनिसेफ के अनुसार, SIDS दुर्लभ है लेकिन इसके जोखिम को सही सावधानियों से काफी कम किया जा सकता है।
अधिकांश मामले 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं में होते हैं; पहले एक वर्ष तक सतर्कता ज़रूरी है।
सुरक्षित नींद का ABC नियम — Alone, Back, Crib — SIDS रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है।
तंबाकू का धुआँ SIDS का सबसे बड़ा जोखिम कारक है; गर्भावस्था से लेकर शिशु के जन्म के बाद तक धूम्रपान से पूरी तरह दूरी ज़रूरी है।
शिशु को माता-पिता के बेड के पास लेकिन अलग क्रिब में सुलाना सुरक्षित और स्तनपान के लिए भी सहायक है।

सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) एक ऐसी स्थिति है जिसमें एक स्वस्थ दिखने वाले शिशु की नींद के दौरान बिना किसी स्पष्ट चिकित्सीय कारण के अचानक मृत्यु हो जाती है। यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) के अनुसार, यह स्थिति दुर्लभ है, फिर भी माता-पिता को इसकी जानकारी और सावधानियाँ अवश्य पता होनी चाहिए। शोध बताते हैं कि सही आदतें अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

SIDS क्या है और यह कैसे होता है

SIDS किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई जोखिम कारकों के एक साथ सक्रिय होने से होता है — यह यूनिसेफ का स्पष्ट मत है। यह स्थिति आमतौर पर तब सामने आती है जब शिशु सो रहा होता है और बाहर से पूरी तरह स्वस्थ दिखता है। यही इसे सबसे अधिक चिंताजनक बनाता है — इसका कोई पूर्व-संकेत नहीं होता।

आँकड़ों के अनुसार, SIDS से होने वाली अधिकांश मौतें 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं में दर्ज की जाती हैं। हालाँकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शिशु के पहले एक वर्ष तक सुरक्षित नींद की आदतें बनाए रखना ज़रूरी है।

मुख्य जोखिम कारक

स्वास्थ्य शोधकर्ताओं के अनुसार, SIDS के पीछे तीन प्रकार के कारक ज़िम्मेदार होते हैं:

शारीरिक कमज़ोरी: समय से पहले जन्मे शिशु या जो गर्भावस्था के दौरान तंबाकू के धुएँ के संपर्क में आए हों, उनमें जोखिम अधिक पाया गया है।

सामाजिक कमज़ोरी: स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुँच, माता-पिता को पर्याप्त सहयोग न मिलना और असुरक्षित रहन-सहन की स्थितियाँ भी जोखिम बढ़ाती हैं।

असुरक्षित नींद का माहौल: गलत सोने की मुद्रा, ढीले बिस्तर, तकिए, खिलौने या तंबाकू का धुआँ — ये सभी SIDS के खतरे को बढ़ाते हैं।

सुरक्षित नींद का ABC नियम

यूनिसेफ और स्वास्थ्य विशेषज्ञ SIDS के जोखिम को कम करने के लिए 'ABC' नियम का पालन करने की सलाह देते हैं:

A – Alone (अकेला): शिशु को हमेशा अपने अलग बिस्तर पर अकेला सुलाएँ। माता-पिता के साथ सोफे या कुर्सी पर सोना खतरनाक हो सकता है।

B – Back (पीठ के बल): शिशु को हमेशा पीठ के बल लिटाएँ — न पेट के बल, न करवट।

C – Crib (सुरक्षित बिस्तर): शिशु का बिस्तर साफ, सख्त और सपाट होना चाहिए। उसमें बंपर, तकिया, ढीली चादर, कंबल या खिलौने न रखें।

अन्य ज़रूरी सावधानियाँ

विशेषज्ञों के अनुसार, पहले 6 महीनों तक शिशु को माता-पिता के बेड के पास रखें, लेकिन अलग क्रिब या बास्केट में। इससे SIDS का खतरा कम होता है और स्तनपान भी आसान रहता है।

गर्भावस्था के दौरान और शिशु के जन्म के बाद घर में धूम्रपान पूरी तरह बंद होना चाहिए। तंबाकू का धुआँ SIDS के सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। इसके अलावा कमरे का तापमान आरामदायक बनाए रखें — शिशु को न अत्यधिक गर्म रखें, न ठंडा।

शिशु को स्तनपान कराना, नियमित स्वास्थ्य जाँच करवाना और सोने की जगह साफ-सुथरी रखना — ये सभी उपाय मिलकर SIDS ही नहीं, अन्य शिशु-संबंधी खतरों से भी सुरक्षा प्रदान करते हैं।

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि SIDS को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन सही आदतें इसकी आशंका को उल्लेखनीय रूप से घटा सकती हैं — और यही जागरूकता हर नए माता-पिता के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि यूनिसेफ जैसी संस्थाएँ इन्हें दशकों से प्रचारित कर रही हैं। सवाल यह है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र इस जानकारी को अस्पताल की दहलीज़ से घर तक पहुँचाने में कहाँ चूक रहा है। प्रसवोत्तर देखभाल में SIDS परामर्श को अनिवार्य बनाना एक ऐसा कदम है जो कम लागत में बड़ा असर डाल सकता है। जब तक यह जागरूकता नीतिगत प्राथमिकता नहीं बनती, तब तक ये दिशानिर्देश केवल पढ़े-लिखे शहरी परिवारों तक ही सीमित रहेंगे।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS) क्या होता है?
SIDS वह स्थिति है जिसमें एक स्वस्थ दिखने वाले शिशु की नींद के दौरान बिना किसी स्पष्ट चिकित्सीय कारण के अचानक मृत्यु हो जाती है। यूनिसेफ के अनुसार, यह किसी एक कारण से नहीं बल्कि कई जोखिम कारकों के एक साथ सक्रिय होने से होता है।
SIDS का सबसे अधिक खतरा किस उम्र के शिशुओं को होता है?
SIDS से होने वाली अधिकांश मौतें 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं में दर्ज की जाती हैं। हालाँकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शिशु के पहले पूरे एक वर्ष तक सुरक्षित नींद की आदतें बनाए रखनी चाहिए।
SIDS के जोखिम को कम करने के लिए क्या करें?
यूनिसेफ का ABC नियम अपनाएँ — शिशु को अकेले (Alone), पीठ के बल (Back), और सुरक्षित सख्त बिस्तर (Crib) में सुलाएँ। घर में धूम्रपान पूरी तरह बंद करें, कमरे का तापमान आरामदायक रखें और स्तनपान को प्रोत्साहित करें।
क्या SIDS को पूरी तरह रोका जा सकता है?
नहीं, यूनिसेफ और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार SIDS को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है। लेकिन सुरक्षित नींद की आदतें, धूम्रपान से दूरी और नियमित शिशु-जाँच जैसे उपाय इसके जोखिम को उल्लेखनीय रूप से कम कर सकते हैं।
क्या शिशु को माता-पिता के साथ एक बिस्तर पर सुलाना सुरक्षित है?
नहीं, विशेषज्ञों के अनुसार शिशु को माता-पिता के साथ एक ही बिस्तर, सोफे या कुर्सी पर सुलाना SIDS और दम घुटने का खतरा बढ़ाता है। सही तरीका यह है कि शिशु को माता-पिता के कमरे में लेकिन उनके अलग क्रिब या बास्केट में सुलाया जाए — विशेष रूप से पहले 6 महीनों में।
राष्ट्र प्रेस
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