थायरॉयड के कारण वजन बढ़ने की समस्या और उसके समाधान
सारांश
Key Takeaways
- थायरॉयड स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
- हाइपोथायरायडिज्म वजन बढ़ने का कारण है।
- आयुर्वेदिक उपाय वजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
- सही आहार और जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।
- नींबू और शहद का पानी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है।
नई दिल्ली, 21 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। थायरॉयड आज के बिगड़े जीवनशैली का परिणाम है, जिससे महिलाओं को सबसे अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। थायरॉयड केवल गले की ग्रंथि की गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा उत्पादन और हार्मोन संतुलन को भी प्रभावित करता है। जब थायरॉयड ग्रंथि सही तरीके से हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है, तब हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म की स्थिति उत्पन्न होती है। आज हम हाइपोथायरायडिज्म के बारे में चर्चा करेंगे और जानेंगे कि इसका वजन बढ़ने से क्या संबंध है।
हाइपोथायरायडिज्म में ग्रंथि कम सक्रिय होती है और कम हार्मोन का उत्पादन करती है, जिसका असर शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता पर पड़ता है, जिससे पाचन सुस्त हो जाता है, सुस्ती बढ़ती है और वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। आयुर्वेद में थायरॉयड को कफ और वात दोष के असंतुलन से जोड़ा गया है। कफ और वात दोष का असंतुलन शरीर में भारीपन, गले और शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन, और सुस्ती का कारण बनता है। इस स्थिति में शरीर की शारीरिक गतिविधि कम होती है और मोटापे का खतरा बढ़ता है।
थायरॉयड में सबसे अधिक परेशानी वजन बढ़ने की वजह से होती है, इसलिए इसे नियंत्रित करना आवश्यक है। इसके लिए आयुर्वेद में कुछ सरल उपाय सुझाए गए हैं। वजन कम करने के लिए मेटाबॉलिज्म का सही होना आवश्यक है। इसके लिए सोंठ, काली मिर्च और पिप्पली से बने त्रिकटु चूर्ण का उपयोग किया जा सकता है। त्रिकटु चूर्ण पाचन अग्नि को सही कर मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाता है। इसे रोजाना शहद के साथ लिया जा सकता है।
दूसरा उपाय है गुग्गुल कल्प। इसे वजन कम करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है क्योंकि यह लसीका तंत्र को सक्रिय करके वसा के चयापचय में सुधार करता है। तीसरा उपाय है गिलोय और नीम का रस। गिलोय और नीम का रस रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और रक्त को शुद्ध करता है।
थायरॉयड में गिलोय और नीम का रस हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है और टी-3 तथा टी-4 का उत्पादन बढ़ाता है। नींबू और शहद का पानी वजन कम करने में सहायक है, जिसे सुबह खाली पेट पीना चाहिए। यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करता है, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और रोजमर्रा के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।