राजौरी में एलओसी पार कर आई पीओजेके की 17 वर्षीय लड़की, भारतीय सेना ने नौशेरा पुलिस को सौंपा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना ने 3 अक्टूबर 2026 को राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करने के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) की एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे आगे की जाँच के लिए नौशेरा पुलिस को सौंप दिया गया है।
घटना का विवरण
लाम सेक्टर में तैनात सेना के जवान रूटीन निगरानी पर थे, जब उन्हें एलओसी के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लड़की को रोका और प्रोटोकॉल के अनुसार शुरुआती पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
पकड़ी गई नाबालिग की पहचान पीओजेके के खुइरेटा निवासी मोहम्मद अजीम की बेटी एस. अजीम के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में लड़की ने दावा किया कि वह अनजाने में एलओसी पार कर भारतीय क्षेत्र में आ गई थी।
सेना की कार्रवाई और मानक प्रक्रिया
एलओसी पर तैनात जवान उन्नत निगरानी नेटवर्क के ज़रिए ऐसी घुसपैठ का पता लगाते हैं और नाबालिगों एवं असैनिक नागरिकों के मामले में संयम बरतते हुए सुरक्षित हिरासत सुनिश्चित करते हैं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में एलओसी पार करने के ऐसे मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
मानक प्रक्रिया के तहत, सेना पहले प्रारंभिक पूछताछ करती है, फिर हिरासत में लिए गए व्यक्ति को स्थानीय पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों के हवाले करती है ताकि यह तय किया जा सके कि घटना अनजाने में हुई थी या उसके पीछे कोई दुर्भावना थी।
वापसी की प्रक्रिया
यदि जाँच में घुसपैठ अनजाने में हुई पुष्टि होती है, तो भारतीय सेना तय हॉटलाइन और फ्लैग मीटिंग के माध्यम से पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों से संपर्क करती है। वापसी आमतौर पर निर्धारित एलओसी क्रॉसिंग पॉइंट के जरिए होती है — जैसे पुंछ में चकान दा बाग, बारामूला/उरी में कमान अमन सेतु, अथवा टिथवाल/सिमारी सेक्टर — जहाँ नागरिक और सैन्य अधिकारी दोनों उपस्थित रहते हैं।
जाँच जारी
फिलहाल नौशेरा पुलिस एस. अजीम से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों की जाँच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आगे की जानकारी जाँच पूरी होने के बाद साझा की जाएगी।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर सुरक्षा बलों की सतर्कता पहले से ही बढ़ी हुई है। इस मामले का अंतिम परिणाम जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।