18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उरी सेक्टर में सेना ने एलओसी पार करते 4 लोगों को पकड़ा, सस्पेंडेड फौजी भी शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उरी सेक्टर में सेना ने एलओसी पार करते 4 लोगों को पकड़ा, सस्पेंडेड फौजी भी शामिल

सारांश

उरी सेक्टर में सेना ने एक ही रात दो अलग घटनाओं में चार लोगों को एलओसी पर पकड़ा। तीन सोपोर निवासियों में पीओके हैंडलर्स से कथित संपर्क था, और एक निलंबित फौजी भी शामिल — जो सीमा सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है।

मुख्य बातें

31 मई 2026 को उरी सेक्टर में सेना ने दो घटनाओं में चार लोगों को हिरासत में लिया।
तीन गिरफ्तार — आदिल हुसैन डार, इश्फाक अहमद, जफर अहमद — सभी बारामूला जिले के सोपोर के निवासी हैं।
आदिल हुसैन डार टेरिटोरियल आर्मी (TA-161) का निलंबित जवान है।
सूत्रों के अनुसार तीनों पीओके स्थित हैंडलर्स के संपर्क में थे।
मुजफ्फराबाद निवासी जीशान मीर को सिलिकोट इलाके से पीओके से भारत में घुसते पकड़ा गया।
सभी से सुरक्षा एजेंसियाँ पूछताछ कर रही हैं; जाँच जारी है।

जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में 31 मई 2026 को सेना ने दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों को हिरासत में लिया — तीन जो लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जाने की कोशिश कर रहे थे, और एक जो पीओके से भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ था। गिरफ्तार तीनों लोग बारामूला जिले के सोपोर के रहने वाले हैं, और इनमें से एक टेरिटोरियल आर्मी (TA-161) का निलंबित जवान है।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, तीनों संदिग्धों ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हथलंगा-नांबला इलाके से पीओके में घुसने की कोशिश की। सेना ने समय रहते उन्हें दबोच लिया।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान आदिल हुसैन डार, इश्फाक अहमद और जफर अहमद — तीनों सोपोर निवासी — के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि आदिल हुसैन डार टेरिटोरियल आर्मी की 161वीं बटालियन का निलंबित जवान है, जो इस मामले को और संवेदनशील बनाता है।

पीओके हैंडलर्स से संपर्क की आशंका

सूत्रों के अनुसार, तीनों पीओके में मौजूद कुछ हैंडलर्स के संपर्क में थे। सुरक्षा एजेंसियाँ फिलहाल तीनों से गहन पूछताछ कर रही हैं और आगे की जानकारी का इंतजार है। यह ऐसे समय में आया है जब सीमापार घुसपैठ और ड्रोन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा बलों की चौकसी पहले से बढ़ी हुई है।

दूसरी घटना: पीओके निवासी युवक भी पकड़ा

एक अन्य घटना में, सेना ने उरी सेक्टर के सिलिकोट इलाके में मुजफ्फराबाद के रहने वाले जीशान मीर को एलओसी पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते हुए पकड़ा। मीर ने दावा किया कि वह उरी सेक्टर के तिलाई में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए सीमा पार कर आया था। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल मीर और संबंधित लड़की दोनों से पूछताछ कर रहे हैं।

एलओसी पर व्यापक सुरक्षा चुनौती

जम्मू-कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी एलओसी बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा और जम्मू डिविजन के पुंछ, राजौरी तथा जम्मू जिले के कुछ हिस्सों से गुजरती है। सेना यहाँ घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और ड्रोन गतिविधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चला रही है।

गौरतलब है कि पीओके में सक्रिय आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा पर हथियार, गोला-बारूद, नकदी और नशीले पदार्थ गिराते हैं। इन्हें ओवरग्राउंड वर्कर उठाते हैं और आतंकियों तक पहुँचाते हैं। इस खतरे से निपटने के लिए सेना हाईटेक एंटी-ड्रोन उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है।

आगे की कार्रवाई

सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। एक सक्रिय सैन्य कर्मी का निलंबित होने के बाद एलओसी पार करने की कोशिश में पकड़ा जाना सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर संकेत है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन लोगों का किसी बड़े नेटवर्क से संबंध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे में यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि एलओसी पर मानवीय खुफिया नेटवर्क अभी भी कितना सक्रिय और खतरनाक है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उरी सेक्टर में किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?
31 मई 2026 को सेना ने उरी सेक्टर में सोपोर निवासी तीन लोगों — आदिल हुसैन डार, इश्फाक अहमद और जफर अहमद — को एलओसी पार कर पीओके जाने की कोशिश में पकड़ा। इनमें से आदिल हुसैन डार टेरिटोरियल आर्मी का निलंबित जवान है।
क्या गिरफ्तार लोगों का आतंकी नेटवर्क से संबंध है?
सूत्रों के अनुसार तीनों पीओके में मौजूद हैंडलर्स के संपर्क में थे। हालाँकि सुरक्षा एजेंसियाँ अभी पूछताछ कर रही हैं और किसी संगठन से आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
जीशान मीर कौन है और उसे क्यों पकड़ा गया?
जीशान मीर मुजफ्फराबाद (पीओके) का निवासी है जिसे उरी सेक्टर के सिलिकोट इलाके में एलओसी पार कर भारतीय क्षेत्र में घुसते पकड़ा गया। उसने दावा किया कि वह तिलाई में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने आया था; सुरक्षा बल उससे और संबंधित लड़की से पूछताछ कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में एलओसी कितनी लंबी है और इसकी निगरानी कैसे होती है?
जम्मू-कश्मीर में एलओसी की कुल लंबाई 740 किलोमीटर है, जो बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा और जम्मू डिविजन के पुंछ, राजौरी व जम्मू जिले से गुजरती है। सेना घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और ड्रोन गतिविधियों से निपटने के लिए हाईटेक एंटी-ड्रोन उपकरणों सहित बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र तैनात रखती है।
एलओसी पर ड्रोन का खतरा कितना गंभीर है?
पीओके में सक्रिय आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा पर हथियार, गोला-बारूद, नकदी और नशीले पदार्थ गिराते हैं। इन्हें ओवरग्राउंड वर्कर उठाकर आतंकियों तक पहुँचाते हैं। इस खतरे से निपटने के लिए सेना उन्नत एंटी-ड्रोन प्रणालियाँ तैनात कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले