उरी सेक्टर में सेना ने एलओसी पार करते 4 लोगों को पकड़ा, सस्पेंडेड फौजी भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में 31 मई 2026 को सेना ने दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों को हिरासत में लिया — तीन जो लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जाने की कोशिश कर रहे थे, और एक जो पीओके से भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ था। गिरफ्तार तीनों लोग बारामूला जिले के सोपोर के रहने वाले हैं, और इनमें से एक टेरिटोरियल आर्मी (TA-161) का निलंबित जवान है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, तीनों संदिग्धों ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हथलंगा-नांबला इलाके से पीओके में घुसने की कोशिश की। सेना ने समय रहते उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान आदिल हुसैन डार, इश्फाक अहमद और जफर अहमद — तीनों सोपोर निवासी — के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि आदिल हुसैन डार टेरिटोरियल आर्मी की 161वीं बटालियन का निलंबित जवान है, जो इस मामले को और संवेदनशील बनाता है।
पीओके हैंडलर्स से संपर्क की आशंका
सूत्रों के अनुसार, तीनों पीओके में मौजूद कुछ हैंडलर्स के संपर्क में थे। सुरक्षा एजेंसियाँ फिलहाल तीनों से गहन पूछताछ कर रही हैं और आगे की जानकारी का इंतजार है। यह ऐसे समय में आया है जब सीमापार घुसपैठ और ड्रोन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा बलों की चौकसी पहले से बढ़ी हुई है।
दूसरी घटना: पीओके निवासी युवक भी पकड़ा
एक अन्य घटना में, सेना ने उरी सेक्टर के सिलिकोट इलाके में मुजफ्फराबाद के रहने वाले जीशान मीर को एलओसी पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते हुए पकड़ा। मीर ने दावा किया कि वह उरी सेक्टर के तिलाई में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए सीमा पार कर आया था। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल मीर और संबंधित लड़की दोनों से पूछताछ कर रहे हैं।
एलओसी पर व्यापक सुरक्षा चुनौती
जम्मू-कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी एलओसी बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा और जम्मू डिविजन के पुंछ, राजौरी तथा जम्मू जिले के कुछ हिस्सों से गुजरती है। सेना यहाँ घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और ड्रोन गतिविधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चला रही है।
गौरतलब है कि पीओके में सक्रिय आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा पर हथियार, गोला-बारूद, नकदी और नशीले पदार्थ गिराते हैं। इन्हें ओवरग्राउंड वर्कर उठाते हैं और आतंकियों तक पहुँचाते हैं। इस खतरे से निपटने के लिए सेना हाईटेक एंटी-ड्रोन उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है।
आगे की कार्रवाई
सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। एक सक्रिय सैन्य कर्मी का निलंबित होने के बाद एलओसी पार करने की कोशिश में पकड़ा जाना सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर संकेत है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन लोगों का किसी बड़े नेटवर्क से संबंध है।