उरी सेक्टर में LOC पार करते पकड़ा गया पीओके घुसपैठिया जीशान मीर, चिनार वॉरियर्स की सतर्कता से गिरफ्तारी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LOC) पार करते समय चिनार वॉरियर्स के सतर्क जवानों ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के एक घुसपैठिए को 31 मई 2026 को गिरफ्तार किया। घुसपैठिए की पहचान जीशान मीर पुत्र लाल मीर, निवासी पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद के रूप में हुई है। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी
सेना के सूत्रों के अनुसार, जीशान मीर ने उरी सेक्टर के सिलिकोट इलाके से LOC पार की थी। पकड़े जाने पर उसने दावा किया कि वह उरी सेक्टर के तिलाई में रहने वाली अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए सीमा पार कर आया था। सुरक्षा बल मीर और संबंधित लड़की दोनों से पूछताछ कर रहे हैं और आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।
चिनार वॉरियर्स के जवानों ने घुसपैठिए को चुनौती देते हुए संयम बरता और बिना किसी हिंसक घटना के उसे कुशलतापूर्वक काबू में कर लिया — जो कि LOC पर तैनात सुरक्षा बलों की प्रशिक्षित सतर्कता का प्रमाण है।
इससे पहले की घटना: तीन लोग पीओके जाते पकड़े गए
इसी सेक्टर में इससे पहले रविवार को तीन लोगों को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे LOC पार करके पीओके में जाने की कोशिश कर रहे थे। तीनों बारामूला जिले के सोपोर इलाके के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार लोगों की पहचान आदिल हुसैन डार, इश्फाक अहमद और जफर अहमद के रूप में हुई है — तीनों सोपोर निवासी। इनमें से आदिल हुसैन डार टेरिटोरियल आर्मी (TA)-161 का निलंबित जवान है, जो इस मामले को और संवेदनशील बनाता है। सूत्रों के अनुसार, तीनों शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को हथलंगा-नांबला इलाके से पीओके में घुसने की कोशिश कर रहे थे।
पीओके हैंडलर्स से संपर्क की आशंका
सूत्रों ने बताया कि सोपोर के तीनों गिरफ्तार व्यक्ति पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद कुछ हैंडलर्स के संपर्क में थे। तीनों फिलहाल हिरासत में हैं और सुरक्षा एजेंसियाँ उनसे पूछताछ कर रही हैं। यह तथ्य कि एक निलंबित सैनिक भी इस समूह में शामिल था, सुरक्षा एजेंसियों की जाँच का केंद्रबिंदु बन गया है।
जम्मू-कश्मीर LOC: संवेदनशील क्षेत्र का संदर्भ
जम्मू-कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा है, जो घाटी के बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों तथा जम्मू डिविजन के पुंछ, राजौरी और जम्मू जिले के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है। यह इलाका लंबे समय से घुसपैठ की कोशिशों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में LOC पर सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ी है और एक से अधिक घटनाओं में सतर्कता से घुसपैठ की कोशिशें नाकाम की गई हैं।
आगे की कार्रवाई
जीशान मीर को जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया है और उसके विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोपोर के तीनों संदिग्ध सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह मामला LOC की निगरानी और सीमापार नेटवर्क की जाँच के लिहाज से अहम माना जा रहा है।