भोटेकोशी नदी किनारे चीन की दीवार पर नेपाल का विरोध, 1963 के सीमा समझौते के उल्लंघन का आरोप

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भोटेकोशी नदी किनारे चीन की दीवार पर नेपाल का विरोध, 1963 के सीमा समझौते के उल्लंघन का आरोप

नेपाल सरकार ने नेपाल-चीन सीमा पर भोटेकोशी नदी के किनारे चीन द्वारा निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार पर कड़ा विरोध जताया है। काठमांडू स्थित नेपाल के विदेश मंत्रालय ने चीन को आधिकारिक पत्र भेजकर निर्माण तुरंत रोकने की माँग की है, यह जानकारी काठमांडू पोस्ट ने मंगलवार, 29 अप्रैल 2025 को दी। नेपाली अधिकारियों का आरोप है कि यह कदम 1963 के द्विपक्षीय सीमा समझौते का उल्लंघन है।

निर्माण का विवरण और स्थान

रिपोर्टों के अनुसार, यह दीवार सिंधुपालचौक जिले के तातोपानी बॉर्डर पॉइंट के पास सीमा पिलर नंबर 53 के निकट बनाई जा रही है। भोटेकोशी नदी इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच प्राकृतिक सीमा का काम करती है। नेपाल के गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दीवार चीन की सीमा के भीतर ही नदी के किनारे बनाई जा रही है।

सिंधुपालचौक के मुख्य जिला अधिकारी राम कृष्ण अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि निर्माण चीनी क्षेत्र में हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्माण दोनों देशों के आपसी समझौते के दायरे में आता है या नहीं, इसका निर्णय संबंधित नेपाली अधिकारी करेंगे।

1963 के सीमा समझौते का हवाला

नेपाली अधिकारियों का कहना है कि 1963 के नेपाल-चीन सीमा समझौते के तहत दोनों देशों को सीमावर्ती क्षेत्र में कोई भी निर्माण करने से पहले एक-दूसरे को अनिवार्य रूप से सूचित करना होता है। समझौते में यह भी स्पष्ट प्रावधान है कि कोई भी देश अकेले अपने स्तर पर सीमावर्ती नदी का प्रवाह-मार्ग नहीं बदल सकता। साथ ही, यदि नदी के रास्ते में बदलाव से दूसरे देश को नुकसान होता है, तो मुआवजे का भी प्रावधान है।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चीन को बिना पूर्व सूचना के निर्माण करने पर आपत्ति जताते हुए आधिकारिक पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया,

Nation Press