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एडोब के सीईओ शांतनु नारायण करेंगे पद छोड़ने का ऐलान, दो दशकों बाद होगा नया नेतृत्व

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एडोब के सीईओ शांतनु नारायण करेंगे पद छोड़ने का ऐलान, दो दशकों बाद होगा नया नेतृत्व

सारांश

एडोब के सीईओ शांतनु नारायण ने अपने पद से हटने की घोषणा की है। वह दो दशकों तक कंपनी का नेतृत्व कर चुके हैं। नए सीईओ की नियुक्ति तक वे पद पर बने रहेंगे। यह बदलाव कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

मुख्य बातें

शांतनु नारायण ने लगभग दो दशकों तक एडोब का नेतृत्व किया।
नए CEO की नियुक्ति के लिए विशेष समिति का गठन किया गया है।
शांतनु नारायण ने AI के युग में कंपनी को नई दिशा दी।
एडोब ने अपने कर्मचारियों की संख्या को 3000 से बढ़ाकर 30000 से अधिक किया।
कंपनी की आय 1 अरब डॉलर से बढ़कर 25 अरब डॉलर से अधिक हो गई है।

वाशिंगटन, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एडोब, जो दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक है, के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शांतनु नारायण अब अपने पद से हटने के लिए तैयार हैं। कंपनी ने यह जानकारी दी है कि लगभग दो दशकों तक नेतृत्व करने के बाद शांतनु नारायण अब सीईओ के पद से विदाई लेंगे। हालांकि, नए सीईओ की नियुक्ति होने तक वह अपने पद पर बने रहेंगे और उसके बाद कंपनी के बोर्ड के चेयरमैन के रूप में नेतृत्व परिवर्तन में सहायता करेंगे।

सैन जोस स्थित कंपनी ने बताया कि नए सीईओ की नियुक्ति के लिए बोर्ड ने एक विशेष समिति का गठन किया है जो संभावित उम्मीदवारों का चयन करेगी।

एडोब के लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर फ्रैंक काल्डेरोनी ने शांतनु नारायण के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कंपनी ने पिछले 18 वर्षों में ऐतिहासिक बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा, "बोर्ड की ओर से मैं शांतनु के योगदान को स्वीकार करता हूं, जिसके जरिए उन्होंने एडोब को नई दिशा दी और एआई के युग में सफलता के लिए मजबूत स्थिति में खड़ा किया।"

उन्होंने कहा कि उत्तराधिकार की प्रक्रिया के दौरान बोर्ड का लक्ष्य सही नेता को चुनना है ताकि कंपनी के अगले चरण का विकास हो सके। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि इस संक्रमण के दौरान शांतनु नारायण का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

शांतनु नारायण ने गुरुवार को कर्मचारियों को भेजे गए एक संदेश में अपने निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "मैं आप सभी को बताना चाहता हूं कि मैंने बोर्ड को सूचित कर दिया है कि 18 वर्षों से अधिक समय तक सीईओ के रूप में कार्य करने के बाद अब मैं इस भूमिका से अलग होना चाहता हूं।"

नारायण ने स्पष्ट किया कि सीईओ पद छोड़ने के बाद भी वह कंपनी से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, "मैं बोर्ड के चेयर के रूप में बना रहूंगा और नए सीईओ का उसी तरह समर्थन करूंगा, जैसा जॉन और चक ने तब किया था जब मैंने यह भूमिका संभाली थी।"

अपने लंबे कार्यकाल को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में एडोब ने असाधारण विकास किया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में कंपनी के कर्मचारी 3,000 से बढ़कर 30,000 से अधिक हो गए हैं।

हमारी तकनीक ने अरबों लोगों तक पहुँच बनाई, चाहे वे हमारे उत्पादों के ग्राहक हों या वे डिजिटल अनुभव जो हमारे ग्राहक बनाते हैं। इसके साथ ही हमारी आय भी 1 अरब डॉलर से बढ़कर 25 अरब डॉलर से अधिक हो गई।

नारायण ने कहा कि इस यात्रा पर उन्हें गर्व है और यह सब कंपनी की टीम के सामूहिक प्रयासों से संभव हुआ है। भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई रचनात्मकता और डिजिटल कार्यप्रणाली को नई दिशा देने वाली है।

उन्होंने कहा, हमारा मिशन 'हर किसी को सृजन करने के लिए सक्षम बनाना' है और एआई के युग में यह अवसर और भी बड़ा हो गया है। रचनात्मकता का अगला दौर अभी लिखा जा रहा है, जिसे एआई, नए वर्कफ्लो और अभिव्यक्ति के बिल्कुल नए तरीकों द्वारा आकार दिया जा रहा है।

इस घोषणा के बाद टेक उद्योग के कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने सोशल मीडिया पर शांतनु नारायण को बधाई देते हुए लिखा, "एडोब में आपके शानदार सफर के लिए बधाई। आपने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक का निर्माण किया और रचनाकारों, उद्यमियों व ब्रांड्स के लिए नई संभावनाएं खोलीं।"

एडोब ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए सीईओ की खोज पूरी होने तक शांतनु नारायण कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे। नारायण ने कहा, "मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सही नेता और मजबूत कार्यकारी टीम के साथ एडोब को अगले दशक की सफलता के लिए तैयार किया जाए।"

शांतनु नारायण लगभग तीन दशक पहले एडोब से जुड़े थे और वर्ष 2007 में कंपनी के सीईओ बने। उनके नेतृत्व में एडोब ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया और पारंपरिक पैकेज्ड सॉफ्टवेयर बेचने की प्रणाली से हटकर सब्सक्रिप्शन आधारित क्लाउड प्लेटफॉर्म अपनाया।

आज फोटोशॉप, एक्रोबैट और क्रिएटिव क्लाउड जैसे एडोब के प्रमुख प्लेटफॉर्म दुनियाभर के रचनाकारों, कंपनियों और डिजिटल प्रकाशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपकरण बन चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कंपनी की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने कई महत्वपूर्ण विकास किए हैं, और नए सीईओ की नियुक्ति से संगठन में नई दिशा आ सकती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांतनु नारायण कब से एडोब के CEO थे?
शांतनु नारायण लगभग तीन दशक पहले एडोब से जुड़े और 2007 में सीईओ बने।
एडोब के नए CEO की खोज कैसे होगी?
एडोब ने नए CEO की खोज के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है जो संभावित उम्मीदवारों पर विचार करेगी।
नेतृत्व परिवर्तन के दौरान शांतनु नारायण की भूमिका क्या होगी?
नए CEO की नियुक्ति तक, शांतनु नारायण अपने पद पर बने रहेंगे और बोर्ड के चेयरमैन के रूप में सहयोग करेंगे।
एडोब के CEO के रूप में शांतनु नारायण का योगदान क्या है?
उन्होंने कंपनी को नई दिशा दी और AI के युग में सफलता के लिए मजबूत स्थिति में खड़ा किया।
एडोब की विकास यात्रा में क्या महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं?
एडोब ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव किया, पारंपरिक सॉफ्टवेयर से सब्सक्रिप्शन आधारित क्लाउड प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ा।
राष्ट्र प्रेस
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