2 अगस्त 2026
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नंगरहार में हथियार तस्करी नाकाम: अफगान बलों ने तोरखम बॉर्डर पर 24 असॉल्ट राइफलें जब्त कीं

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नंगरहार में हथियार तस्करी नाकाम: अफगान बलों ने तोरखम बॉर्डर पर 24 असॉल्ट राइफलें जब्त कीं

सारांश

अफगान सुरक्षा बलों ने तोरखम बॉर्डर पर एक गाड़ी में छिपाई गई 24 असॉल्ट राइफलें जब्त कर हथियार तस्करी की कोशिश नाकाम की। यह जून और जुलाई की बरामदगियों के बाद ताज़ा कार्रवाई है, जो दर्शाती है कि अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में अवैध हथियारों की आवाजाही का सिलसिला थमा नहीं है।

मुख्य बातें

अफगान सुरक्षा बलों ने 2 अगस्त 2026 को नंगरहार प्रांत के तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग पर 24 असॉल्ट राइफलें बरामद कीं।
हथियार एक गाड़ी के अंदर छिपाकर पड़ोसी देश से लाए जा रहे थे; किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं।
29 जुलाई को लगमान प्रांत में दो संदिग्धों से 5 कलाश्निकोव राइफलें , 3 हैंड ग्रेनेड और सैकड़ों गोलियाँ जब्त की गई थीं।
जून में पक्तिया प्रांत में 8 कलाश्निकोव , 12 पिस्तौलें , 20 बैरल और 1,000 गोलियाँ बरामद हुई थीं।
अफगान सरकार ने हाल के महीनों में सीमावर्ती इलाकों में हथियार तस्करी-रोधी अभियान तेज किए हैं।

अफगान सुरक्षा बलों ने 2 अगस्त 2026 को पूर्वी नंगरहार प्रांत में सीमा पार हथियार तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया और 24 असॉल्ट राइफलें बरामद कीं। तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग पर की गई इस कार्रवाई की जानकारी प्रांतीय सरकार ने रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी।

मुख्य घटनाक्रम

बयान के अनुसार, ये हथियार एक गाड़ी के भीतर छिपाकर पड़ोसी देश से अफगानिस्तान में लाए जा रहे थे। सुरक्षा कर्मियों ने तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग पर वाहन की तलाशी के दौरान अलग-अलग प्रकार की 24 असॉल्ट राइफलें बरामद कीं। अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस मामले में किसी को हिरासत में लिया गया या नहीं।

पिछली बरामदगियाँ और पैटर्न

यह घटना अकेली नहीं है। 29 जुलाई को पुलिस ने पूर्वी लगमान प्रांत के दौलत शाह जिले में अवैध हथियार रखने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। प्रांतीय पुलिस के प्रवक्ता मोहम्मद यूनुस यूसुफजई ने बताया था कि उनके पास से पाँच कलाश्निकोव असॉल्ट राइफल, तीन हैंड ग्रेनेड और सैकड़ों गोलियाँ व प्रोजेक्टाइल बरामद हुए थे।

इससे पहले जून में अफगान सुरक्षा बलों ने पूर्वी पक्तिया प्रांत के डंड पाटन जिले के नारी झवारा इलाके में पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में एक सुरक्षा अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का भारी जखीरा जब्त किया था। उस खेप में आठ कलाश्निकोव राइफलें, 12 पिस्तौलें, 20 कलाश्निकोव बैरल, तीन एम4 राइफल बैरल और पिस्तौल की एक हजार गोलियाँ शामिल थीं।

सरकार की प्रतिक्रिया और अभियान

प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता मोहम्मद यूनुस यूसुफजई ने स्पष्ट किया था कि पुलिस किसी को भी बिना अनुमति हथियार रखने या ले जाने की छूट नहीं देती, क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है। यह ऑपरेशन अफगान सरकार के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत सुरक्षा बल नागरिकों के पास अवैध गोला-बारूद की मौजूदगी और सीमा पार हथियार तस्करी पर नकेल कस रहे हैं।

आम जनता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

गौरतलब है कि तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में से एक है, जिससे इस रूट पर तस्करी रोकना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहती है। हाल के महीनों में हुई इन बरामदगियों से स्पष्ट है कि सीमावर्ती इलाकों में हथियारों की आवाजाही का सिलसिला जारी है।

क्या होगा आगे

अफगान सुरक्षा बलों ने हाल के महीनों में पूरे देश में हथियार तस्करी और सीमा पार अपराधों के विरुद्ध अभियान तेज किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने की यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लगमान और पक्तिया — तीन अलग-अलग प्रांतों में महज दो महीनों के भीतर हुई ये बरामदगियाँ बताती हैं कि अफगानिस्तान की सीमाओं पर हथियारों का प्रवाह एक छिटपुट घटना नहीं, बल्कि एक संरचनागत चुनौती है। सवाल यह है कि क्या ये अभियान केवल खेपें रोक रहे हैं, या तस्करी के नेटवर्क को भी तोड़ रहे हैं — क्योंकि अब तक की अधिकांश बरामदगियों में गिरफ्तारियों की पुष्टि नहीं हुई है। तोरखम जैसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण बनाए रखना अफगान सुरक्षा बलों के लिए दीर्घकालिक परीक्षा बनी रहेगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंगरहार में हथियार तस्करी की कोशिश कैसे नाकाम हुई?
अफगान सुरक्षा बलों ने 2 अगस्त 2026 को तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग पर एक वाहन की तलाशी के दौरान उसमें छिपाई गई 24 असॉल्ट राइफलें बरामद कीं। प्रांतीय सरकार के बयान के अनुसार ये हथियार पड़ोसी देश से चोरी-छिपे लाए जा रहे थे।
तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में से एक है। इसी कारण यह हथियार तस्करों के लिए भी एक प्रमुख रूट रहा है, जिसे रोकना सुरक्षा बलों की प्राथमिकता है।
क्या इससे पहले भी अफगानिस्तान में ऐसी बरामदगियाँ हुई हैं?
हाँ, 29 जुलाई को लगमान प्रांत में दो संदिग्धों से पाँच कलाश्निकोव राइफलें, तीन हैंड ग्रेनेड और सैकड़ों गोलियाँ जब्त की गई थीं। जून में पक्तिया प्रांत में पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाके से आठ कलाश्निकोव, 12 पिस्तौलें और एक हजार गोलियाँ बरामद हुई थीं।
इस घटना में किसे गिरफ्तार किया गया?
नंगरहार की इस घटना में अधिकारियों ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। हालाँकि 29 जुलाई की लगमान घटना में दो व्यक्तियों को दौलत शाह जिले में हिरासत में लिया गया था।
अफगान सरकार हथियार तस्करी रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?
अफगान सरकार ने हाल के महीनों में सीमावर्ती इलाकों में हथियार तस्करी और अन्य सीमा पार अपराधों के खिलाफ अभियान तेज किए हैं। इसके तहत नागरिकों के पास अवैध गोला-बारूद की मौजूदगी पर भी सख्ती बरती जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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