ब्रिस्बेन के येरोंगा में पुलिस अधिकारी पर हमले के आरोप में 25 वर्षीय युवक गिरफ्तार, दो गंभीर धाराएँ दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन उपनगर येरोंगा में 2 अगस्त 2026 को एक 25 वर्षीय युवक को पुलिस अधिकारी पर कथित हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। क्वींसलैंड पुलिस सेवा (QPS) ने रविवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी पर दो गंभीर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
QPS के अनुसार, शनिवार शाम करीब 5:50 बजे स्थानीय समयानुसार पुलिस को येरोंगा स्थित एक पते पर बुलाया गया। मौके पर पहुँचने पर अधिकारियों ने देखा कि युवक के हाथ में लकड़ी का एक टुकड़ा था। आरोप है कि उसने उसी लकड़ी के टुकड़े से पुलिसकर्मियों को धमकाया और उसे उनकी ओर फेंका।
इसके बाद युवक पुलिस के एक वाहन पर चढ़ गया। पुलिस दल और डॉग स्क्वाड की टीम ने उससे बार-बार बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। इस बीच, जब वह पैदल भागने की कोशिश करने लगा, तो गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उसने कथित तौर पर एक वरिष्ठ कांस्टेबल पर हमला कर दिया।
घायल अधिकारी और आरोप
हमले में घायल वरिष्ठ कांस्टेबल को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। QPS ने आरोपी युवक के विरुद्ध दो गंभीर आरोप दर्ज किए हैं — हथियार से लैस होकर पुलिस अधिकारी पर गंभीर हमला कर शारीरिक चोट पहुँचाना और पुलिस अधिकारी पर गंभीर हमला कर शारीरिक नुकसान पहुँचाना।
क्वींसलैंड में पूर्व की पुलिस फायरिंग घटना
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब 25 जुलाई को क्वींसलैंड के केर्न्स के माउंट शेरिडन उपनगर की बेंजामिना स्ट्रीट पर एक अलग घटना में पुलिस फायरिंग से दो लोग घायल हो गए थे। QPS के अनुसार, शाम करीब 5:10 बजे स्थानीय समयानुसार एक सशस्त्र लूट के प्रयास की सूचना मिली थी। संदिग्ध 28 वर्षीय व्यक्ति वारदात के बाद पैदल फरार हो गया था।
पुलिस ने उसे फोस्टर रोड स्थित एक गोलचक्कर के पास खोज निकाला। अधिकारियों द्वारा उससे संपर्क करने का प्रयास किए जाने के दौरान वह पुलिस कार्रवाई में गोली लगने से घायल हो गया। इस दौरान एक महिला भी गोली लगने से घायल हो गई। पुलिसकर्मियों ने दोनों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर केर्न्स बेस अस्पताल पहुँचाया। उस घटना में कोई पुलिस अधिकारी घायल नहीं हुआ।
जाँच की स्थिति
25 जुलाई की फायरिंग घटना की जाँच QPS की एथिकल स्टैंडर्ड्स कमांड कर रही है, जिसकी निगरानी क्राइम एंड करप्शन कमीशन द्वारा की जा रही है। पुलिस ने केर्न्स के उस इलाके को अपराध स्थल घोषित किया था और स्पष्ट किया था कि आम जनता के लिए कोई खतरा नहीं है। येरोंगा गिरफ्तारी मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही अपेक्षित है।