बलूचिस्तान में खुफिया अभियान: पाक सेना के मेजर वजाहत वहीद सहित पाँच की मौत, हथियार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 18-19 अक्टूबर 2026 को बलूचिस्तान के कई जिलों में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अभियानों में चार लड़ाकों को मार गिराया, जबकि अभियान की अगुवाई कर रहे मेजर वजाहत वहीद एक आईईडी विस्फोट में शहीद हो गए। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने इन ऑपरेशनों की पुष्टि करते हुए बताया कि बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
आईएसपीआर के अनुसार, पहला अभियान 18 अक्टूबर को कलात जिले के जट्टकाबाद क्षेत्र में चलाया गया, जिसमें सुरक्षा बलों ने संगठन के चार लड़ाकों को मार गिराया। दूसरे अभियान में ग्वादर जिले के शादी कौर और पसनी इलाकों में तलाशी और सफाई ऑपरेशन चलाया गया।
लाहौर निवासी और 34 वर्षीय मेजर वजाहत वहीद ग्वादर के इसी अभियान में आईईडी विस्फोट का शिकार हुए। आईएसपीआर ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अभियान अभी भी जारी है और कई लड़ाकों के अभी भी छिपे होने की आशंका बनी हुई है।
पाकिस्तान का 'फितना अल हिंदुस्तान' का दावा
आईएसपीआर के बयान में कहा गया कि पाकिस्तान सरकार बलूचिस्तान में सक्रिय इन संगठनों को 'फितना अल हिंदुस्तान' की संज्ञा देती है। पाकिस्तान का यह एकतरफा दावा है कि इन समूहों के माध्यम से देश में आतंकवाद और अस्थिरता फैलाने में भारत की कथित भूमिका उजागर होती है — एक आरोप जिसे भारत सरकार ने बार-बार निराधार बताया है। गौरतलब है कि इस प्रकार के दावे पाकिस्तान लंबे समय से करता आया है, परंतु इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हालिया अभियानों का सिलसिला
यह ऑपरेशन बलूचिस्तान में जारी सुरक्षा कार्रवाइयों की कड़ी में नवीनतम है। इससे एक दिन पहले, सुरक्षा बलों ने क्वेटा, नुश्की और खुजदार जिलों में अलग-अलग अभियानों में आठ लड़ाकों को मार गिराया था। इसी महीने 12-13 अक्टूबर की रात को वाशुक में चलाए गए खुफिया-आधारित ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने एक ठिकाने का भंडाफोड़ कर पाँच लड़ाकों को मार गिराया था।
यह ऐसे समय में आया है जब हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में अलगाववादी और सशस्त्र समूहों की गतिविधियाँ बढ़ी हैं और पाकिस्तानी सेना ने इन इलाकों में अभियानों को तेज कर दिया है।
राष्ट्रीय कार्य योजना और आगे की रणनीति
आईएसपीआर ने बताया कि अभियान की यह योजना राष्ट्रीय कार्य योजना (NAP) की संघीय शीर्ष समिति द्वारा स्वीकृत है। सुरक्षा बलों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने विदेशी समर्थन प्राप्त खतरे को पूरी तरह समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
आईएसपीआर के अनुसार, क्षेत्र में कई लड़ाकों के अभी भी सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए अभियान पूरी गति से जारी रखा जाएगा और आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में और भी कार्रवाइयाँ संभव हैं।