27 जुलाई 2026
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बलूचिस्तान के खुजदार में पाकिस्तानी सेना का हवाई-जमीनी अभियान, वाध में गोलाबारी से एक और मौत

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बलूचिस्तान के खुजदार में पाकिस्तानी सेना का हवाई-जमीनी अभियान, वाध में गोलाबारी से एक और मौत

सारांश

बलूचिस्तान के खुजदार में पाकिस्तानी सेना का हवाई और जमीनी अभियान जारी है — वाध में एक और नागरिक की मौत हुई, BYC ने 14 वर्षीय छात्र शहजाद की कथित हत्या का आरोप लगाया, और क्वेटा से छात्र एक्टिविस्ट यूनुस बलूच को उठाए जाने की खबर ने मानवाधिकार संकट को और गहरा कर दिया है।

मुख्य बातें

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 27 जुलाई 2026 को खुजदार जिले के वाध, ओरनाच और जेहरी क्षेत्रों में हवाई और जमीनी अभियान जारी रखा।
वाध में हुई गोलाबारी में एक और व्यक्ति की मौत; पिछले सप्ताह अब्दुल कादिर की मौत के बाद नागरिकों ने हाईवे पर धरना दिया था।
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने पंजगुर के 14 वर्षीय छात्र शहजाद को 25 जुलाई को कथित 'डेथ स्क्वाड' द्वारा मारे जाने का आरोप लगाया।
बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) के अनुसार छात्र एक्टिविस्ट यूनुस बलूच को 25 जुलाई को क्वेटा से उठाया गया, ठिकाना अज्ञात।
उनके परिवार के 8 वर्षीय बच्चे को कथित तौर पर 'फोर्थ शेड्यूल' में डाले जाने की खबर, मौलिक अधिकारों को लेकर गंभीर चिंता।

पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने 27 जुलाई 2026 को बलूचिस्तान के खुजदार जिले में जमीनी और हवाई अभियान तेज कर दिया, जिसमें वाध क्षेत्र में हुई गोलाबारी में एक और व्यक्ति की मौत की पुष्टि स्थानीय मीडिया सूत्रों ने की। यह ऐसे समय में आया है जब वाध, ओरनाच और जेहरी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है।

हवाई हमले और निगरानी अभियान

रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी सैन्य हेलीकॉप्टरों ने खुजदार के ओरनाच क्षेत्र के सुरगढ़ इलाके में कई स्थानों पर हवाई हमले किए। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में निरंतर हवाई निगरानी उड़ानें भी जारी रहीं। स्थानीय समाचार स्रोतों के मुताबिक, यह अभियान नागरिक आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास संचालित किया जा रहा है।

पिछले हफ्ते की घटना और नागरिक विरोध

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भी खुजदार के वाध इलाके के ड्रखलाव-गस्लैती में हुई गोलाबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि महिलाओं और बच्चों सहित कई अन्य लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने हाईवे पर धरना दिया और मृतक अब्दुल कादिर का शव विरोध स्थल पर रखा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने 23 जुलाई की सुबह गोलाबारी शुरू की और कथित तौर पर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया।

मानवाधिकार संगठनों के गंभीर आरोप

मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने बताया कि पंजगुर जिले के पारूम इलाके के 14 वर्षीय छात्र शहजाद को कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित 'डेथ स्क्वाड' ने 25 जुलाई को मार डाला। संगठन के अनुसार, उसे एक वर्ष से अधिक समय तक गायब रखा गया था।

BYC ने कहा, 'एक साल से ज्यादा समय तक उसका परिवार इस उम्मीद में तड़पता रहा कि वह सुरक्षित घर लौट आएगा। इसके बजाय, उन्हें उसकी हत्या की दुखद खबर मिली। यह हत्या उन डेथ स्क्वाड ने की जो पाकिस्तानी सेना के समर्थन से बिना किसी डर या रोक-टोक के काम करते हैं।' संगठन ने आरोप लगाया कि महिलाओं, बच्चों और बलूच समुदाय के हर वर्ग को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया जा रहा है।

छात्र एक्टिविस्ट की कथित गिरफ्तारी

बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) ने बताया कि एक अन्य छात्र एक्टिविस्ट यूनुस बलूच को 25 जुलाई को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रांत की राजधानी क्वेटा में उनके घर से उठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। संगठन के अनुसार, तब से उनके परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अतिरिक्त, खबरें हैं कि उनके परिवार के 8 वर्षीय बच्चे को 'फोर्थ शेड्यूल' में डाला गया है, जो मौलिक अधिकारों के हनन को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न करता है।

बलूचिस्तान में व्यापक संकट

बलूचिस्तान लंबे समय से जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं (एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग) जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है, जो मानवाधिकार संगठनों के अनुसार अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई हैं। यह Nवीं ऐसी घटना है जब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों ने बलूच नागरिकों पर हो रहे कथित अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में मानवाधिकार की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय दबाव पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे 'आतंकवाद विरोधी अभियान' के रूप में ही पेश करती है। 14 वर्षीय शहजाद की कथित हत्या और 8 वर्षीय बच्चे को 'फोर्थ शेड्यूल' में डाले जाने के आरोप — यदि सत्य हैं — तो यह संकेत देते हैं कि दमन की परिधि अब लड़ाकों से बहुत आगे निकल चुकी है। पाकिस्तानी सरकार इन आरोपों पर प्रायः चुप्पी साधती है या उन्हें खारिज करती है, जबकि स्वतंत्र सत्यापन के लिए पत्रकारों की पहुँच बेहद सीमित है। बिना पारदर्शी जाँच और जवाबदेही के, ये घटनाएँ उस लंबी सूची में जुड़ती जाएंगी जो बलूचिस्तान के घाव को और गहरा करती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान के खुजदार में पाकिस्तानी सेना का अभियान क्या है?
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने खुजदार जिले के वाध, ओरनाच और जेहरी क्षेत्रों में जमीनी और हवाई अभियान चला रखा है, जिसमें सैन्य हेलीकॉप्टरों द्वारा हवाई हमले और निगरानी उड़ानें शामिल हैं। 27 जुलाई 2026 को वाध में हुई गोलाबारी में एक और नागरिक की मौत की खबर है।
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने क्या आरोप लगाए हैं?
BYC ने आरोप लगाया है कि पंजगुर जिले के 14 वर्षीय छात्र शहजाद को 25 जुलाई को पाकिस्तान समर्थित 'डेथ स्क्वाड' ने मार डाला, जबकि उसे एक वर्ष से अधिक समय तक गायब रखा गया था। संगठन का कहना है कि ये डेथ स्क्वाड पाकिस्तानी सेना के समर्थन से बेरोकटोक काम करते हैं।
यूनुस बलूच कौन हैं और उन्हें कब उठाया गया?
यूनुस बलूच एक छात्र एक्टिविस्ट हैं जिन्हें बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) के अनुसार 25 जुलाई 2026 को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने क्वेटा स्थित उनके घर से उठाया। तब से उनके परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं है और उनका ठिकाना अज्ञात है।
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की समस्या कितनी गंभीर है?
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याएँ अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई हैं। पाकिस्तानी सरकार इन आरोपों को प्रायः खारिज करती है, जबकि क्षेत्र में स्वतंत्र पत्रकारों और मानवाधिकार निगरानकर्ताओं की पहुँच अत्यंत सीमित है।
अब्दुल कादिर की मौत के बाद क्या हुआ?
पिछले सप्ताह खुजदार के वाध इलाके के ड्रखलाव-गस्लैती में गोलाबारी में अब्दुल कादिर की मौत के बाद स्थानीय निवासियों ने हाईवे पर धरना दिया और शव को विरोध स्थल पर रखा। प्रदर्शनकारियों ने 23 जुलाई की सुबह शुरू हुई गोलाबारी में नागरिक क्षेत्रों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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