13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांग्लादेश: छात्र लीग के 5 नेता ढाका में हिरासत में, जनाजे की नमाज़ के दौरान बीएनपी कार्यकर्ताओं ने की मारपीट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांग्लादेश: छात्र लीग के 5 नेता ढाका में हिरासत में, जनाजे की नमाज़ के दौरान बीएनपी कार्यकर्ताओं ने की मारपीट

सारांश

बांग्लादेश में अवामी लीग के छात्र संगठन छात्र लीग के 5 नेता ढाका में जनाजे की नमाज़ के दौरान हिरासत में लिए गए — बीएनपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मारपीट की और पुलिस को सौंपा। पूर्व मंत्री अराफात ने एक्स पर लिखकर इसे नागरिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

मुख्य बातें

छात्र लीग के 5 नेताओं और कार्यकर्ताओं को 12 अक्टूबर 2026 को ढाका के धनमंडी में तकवा मस्जिद के निकट से हिरासत में लिया गया।
यह कार्रवाई छात्र लीग के महासचिव महफुजुल हैदर चौधरी रोटन की जनाजे की नमाज़ के दौरान हुई।
बीएनपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर इन लोगों के साथ मारपीट की और फिर धनमंडी पुलिस के हवाले कर दिया।
रोटन का निधन कोलकाता के अपोलो अस्पताल में कैंसर के उपचार के दौरान हुआ था।
पूर्व मंत्री मोहम्मद अली अराफात ने एक्स पर इसे 'मूल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन' बताते हुए बीएनपी सरकार पर निशाना साधा।

बांग्लादेश में अवामी लीग के छात्र संगठन छात्र लीग के पाँच नेताओं और कार्यकर्ताओं को 12 अक्टूबर 2026 को ढाका के धनमंडी इलाक़े में स्थित तकवा मस्जिद के निकट से हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई छात्र लीग के महासचिव महफुजुल हैदर चौधरी रोटन की जनाजे की नमाज़ के दौरान हुई, जब उनके श्रद्धांजलि देने आए समर्थक उस क्षेत्र में एकत्र हुए थे। अवामी लीग के विरुद्ध जारी कार्रवाई के बीच यह घटना बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव को और गहरा करती दिख रही है।

मुख्य घटनाक्रम

द बिजनेस स्टैंडर्ड (बांग्लादेश) ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि रविवार दोपहर बीएनपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मस्जिद के पीछे इन पाँच व्यक्तियों को रोका, उनके साथ मारपीट की और बाद में उन्हें धनमंडी पुलिस थाने के हवाले कर दिया। घटना की पुष्टि करते हुए धनमंडी थाने के प्रभारी मुहम्मद इमदादुल इस्लाम तायेब ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोग छात्र लीग से जुड़े थे और उन्हें मस्जिद के पीछे जुलूस निकालने के दौरान गिरफ़्तार किया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, रोटन की जनाजे की नमाज़ धनमंडी तकवा मस्जिद के सामने होने की सूचना मिलते ही छात्र लीग के कई नेता और कार्यकर्ता आसपास के इलाक़े में एकत्र हो गए थे। एहतियात के तौर पर मस्जिद और निकटस्थ धनमंडी ईदगाह मैदान के आसपास कानून व्यवस्था बल तैनात किए गए थे।

रोटन का निधन और पार्थिव शरीर का ढाका आगमन

बताया गया है कि महफुजुल हैदर चौधरी रोटन लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। शनिवार को कोलकाता स्थित अपोलो अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर रविवार को ढाका लाया गया, जिसके बाद जनाजे की नमाज़ का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि यह घटना उस राजनीतिक माहौल में हुई जब बांग्लादेश में अवामी लीग से जुड़े लोगों पर कार्रवाई लगातार तेज़ होती जा रही है।

अवामी लीग नेता की कड़ी प्रतिक्रिया

इस घटना की निंदा करते हुए अवामी लीग नेता और बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद अली अराफात ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पुलिस और बीएनपी से जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में बाधा डाली और श्रद्धांजलि देने पहुँचे आम लोगों के विरुद्ध भीड़ हिंसा को बढ़ावा दिया। शोक व्यक्त करने आए लोगों पर हमला किया गया, उन्हें पीटा गया और कुछ को पुलिस के हवाले कर दिया गया।"

अराफात ने आरोप लगाया कि यह घटना कानून व्यवस्था बलों और सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के बीच 'चिंताजनक सहयोग' को दर्शाती है। उन्होंने कहा, "जनाजे की नमाज़ में बाधा डालना और शोक मनाने वालों के विरुद्ध हिंसा तथा पुलिस कार्रवाई करना लोगों के मूल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।"

लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर सवाल

अराफात ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सवाल उठाया कि आख़िर कैसी शासन व्यवस्था है जो लोगों को अपने मृतकों का शांतिपूर्वक शोक मनाने का अधिकार नहीं देती। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएँ बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों, क़ानून के शासन और लोकतंत्र की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश में विपक्षी दलों के साथ व्यवहार पर पहले से ही नज़र बनाए हुए हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हिरासत में लिए गए पाँचों व्यक्तियों के विरुद्ध औपचारिक आरोप दायर किए जाते हैं या नहीं, और क्या बांग्लादेश सरकार इस घटना पर कोई स्वतंत्र जाँच का आदेश देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बांग्लादेश में विपक्ष के दमन की बढ़ती प्रवृत्ति का संकेत देती है। यह घटना उस पैटर्न की अगली कड़ी है जिसमें अवामी लीग से जुड़े लोगों को सार्वजनिक जगहों पर भी निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस और बीएनपी कार्यकर्ताओं के बीच कथित सहयोग — अगर सत्यापित हो — तो यह संस्थागत पक्षपात का गंभीर मामला बनता है। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ कर सकती है वह यह है कि अंतिम संस्कार जैसे अवसरों पर राजनीतिक निगरानी का विस्तार, आम नागरिकों के लिए भी भय का वातावरण बनाता है — न केवल सक्रिय कार्यकर्ताओं के लिए।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में छात्र लीग के नेताओं को कब और कहाँ हिरासत में लिया गया?
12 अक्टूबर 2026 को ढाका के धनमंडी इलाक़े में स्थित तकवा मस्जिद के निकट से पाँच नेताओं को हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई छात्र लीग महासचिव रोटन की जनाजे की नमाज़ के दौरान हुई।
महफुजुल हैदर चौधरी रोटन कौन थे और उनका निधन कैसे हुआ?
रोटन बांग्लादेश छात्र लीग के महासचिव थे। वे लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और कोलकाता के अपोलो अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार को उनका निधन हुआ। उनका पार्थिव शरीर रविवार को ढाका लाया गया।
बीएनपी कार्यकर्ताओं की इस घटना में क्या भूमिका बताई जा रही है?
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीएनपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मस्जिद के पीछे इन पाँच लोगों को रोका, उनके साथ मारपीट की और बाद में उन्हें धनमंडी पुलिस के हवाले कर दिया। धनमंडी थाने के प्रभारी ने हिरासत की पुष्टि की है।
अवामी लीग के पूर्व मंत्री अराफात ने क्या आरोप लगाए?
पूर्व मंत्री मोहम्मद अली अराफात ने एक्स पर लिखकर आरोप लगाया कि पुलिस और बीएनपी कार्यकर्ताओं ने मिलकर जनाजे की नमाज़ में बाधा डाली और शोक मनाने आए लोगों को पीटा। उन्होंने इसे धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया।
बांग्लादेश में अवामी लीग के विरुद्ध कार्रवाई की वर्तमान स्थिति क्या है?
बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों के सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाइयाँ तेज़ हुई हैं। यह घटना उसी व्यापक राजनीतिक संदर्भ में देखी जा रही है जिसमें विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जगहों पर भी निशाना बनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले