क्या बांग्लादेश में चुनावी अभियान के दौरान बीएनपी और जमात कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा हुई?

Click to start listening
क्या बांग्लादेश में चुनावी अभियान के दौरान बीएनपी और जमात कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा हुई?

सारांश

बांग्लादेश में चुनावी माहौल में दो प्रमुख पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच गंभीर झड़पें हुई हैं। जानिए इस घटना में कितने लोग घायल हुए और राजनीतिक माहौल में क्या हो रहा है।

Key Takeaways

  • बांग्लादेश में चुनावी माहौल तनावपूर्ण है।
  • बीएनपी और जमात के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं।
  • कई लोग घायल हुए हैं।
  • सुरक्षा और लोकतंत्र की आवश्यकता है।
  • राजनीतिक स्थिति पर नजर रखें।

ढाका, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में 12 फरवरी को नई सरकार के लिए वोट डाले जाने हैं। सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश में लगे हुए हैं। मंगलवार को एक चुनावी अभियान के दौरान देश की दो प्रमुख पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच गंभीर झड़प हुई। इस हिंसा में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी के कई कार्यकर्ता और समर्थक घायल हुए।

यह घटना ढाका के मीरपुर क्षेत्र में हुई।

गवाहों के अनुसार, बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार ने बताया कि यह झड़प मंगलवार शाम लगभग 4:00 बजे हुई, जब जमात कार्यकर्ताओं का एक समूह मुबारक मस्जिद के निकट प्रचार कर रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी में 'हेवन टावर' नाम की 10-मंजिला इमारत में प्रवेश करने का प्रयास करते समय जमात कार्यकर्ताओं का सामना बीएनपी के लोगों से हुआ।

इमारत के सुरक्षा गार्ड अब्दुल अलीम ने बताया कि बीएनपी के कार्यकर्ताओं ने जमात कार्यकर्ताओं को रोका और कहा कि 22 जनवरी से पहले चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं है।

इमारत के फ्लैट मालिकों के एसोसिएशन के पूर्व महासचिव इदरीस अली ने कहा कि जमात कार्यकर्ता निवासियों से वोट मांगने के लिए घरों में जा रहे थे।

द डेली स्टार ने अली के हवाले से बताया, 'उन्होंने पहले भी इस इलाके और इस इमारत में कई बार प्रचार किया है। हमने एंट्री गेट पर एक नोटिस बोर्ड भी लगाया था जिसमें लिखा था 'यहां राजनीतिक चर्चा और प्रचार मना है,' लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।'

कई स्थानीय बीएनपी नेताओं ने जमात कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया कि वे प्रचार के दौरान निवासियों के मोबाइल नंबर और राष्ट्रीय पहचान पत्र मांग रहे थे। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन अंततः स्थिति शांत हो गई और दोनों समूह तितर-बितर हो गए।

हालांकि, मस्जिद के बाहर फिर से तनाव बढ़ गया, जिसमें स्थानीय बीएनपी नेताओं ने कहा कि जमात कार्यकर्ताओं ने उनके कुछ सदस्यों को घेर लिया और उन पर जमात कार्यकर्ताओं को इमारत के अंदर 'बंद करने' का आरोप लगाया।

काफरुल थाना से बीएनपी की युवा शाखा जुबो दल के पूर्व महासचिव शरीफुल इस्लाम मिलन ने कहा, 'जमात के 100-150 लोग मस्जिद के सामने आए और हमारे लोगों का पीछा किया। यह सुनकर लगभग 1,000-1,500 लोग इकट्ठा हो गए।'

स्थानीय निवासियों ने बताया कि बीएनपी कार्यकर्ता मस्जिद के आसपास की गलियों में जमा हो गए और जमात विरोधी नारे लगाने लगे।

मिलन ने दावा किया कि झड़प में छह बीएनपी कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से तीन का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार रात को हुए हमलों की एक श्रृंखला के बाद, कुमिला जिले के चौदग्राम उपजिला में बीएनपी और जमात समर्थकों के बीच झड़प में पांच लोग घायल हुए थे। स्थानीय सूत्रों के हवाले से, द डेली स्टार ने बताया कि रविवार को बीएनपी समर्थक बच्चू मियां के घर में बदमाशों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की, जिससे तनाव फैल गया।

कुछ घंटों बाद, धनिजोरा में बीएनपी ऑफिस में भी कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई।

इसके बाद, तेलिपुखुर पार, शहादत हुसैन गुलाब मार्केट और समेशपुर में जमात के ऑफिस और आस-पास की दुकानों में आग लगा दी गई।

बदलते घटनाक्रम से पता चलता है कि जो पार्टियां पहले शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग की लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए यूनुस के साथ थीं, वे अब एक-दूसरे की दुश्मन बन गई हैं।

Point of View

हमें यह समझना होगा कि बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। चुनावी माहौल में ऐसी झड़पें लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं। हमें नागरिकों की सुरक्षा और एक शांतिपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की आवश्यकता है।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में चुनावी हिंसा का कारण क्या है?
यह हिंसा राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और चुनाव प्रचार के दौरान हुई।
कितने लोग घायल हुए हैं?
इस झड़प में छह बीएनपी कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
क्या इस घटना का चुनाव पर असर पड़ेगा?
हां, यह घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।
Nation Press