क्या भारत-चीन सीमा पर शांति और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई? : विदेश सचिव विक्रम मिस्री

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क्या भारत-चीन सीमा पर शांति और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई? : विदेश सचिव विक्रम मिस्री

सारांश

भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा हुई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने तियानजिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच की वार्ता की जानकारी दी। क्या यह बैठक सीमा विवाद का समाधान ला सकेगी?

Key Takeaways

  • चीन की अध्यक्षता में 25वें एससीओ शिखर सम्मेलन का आयोजन।
  • भारत-चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के सुझाव।
  • म्यांमार के साथ द्विपक्षीय संबंध को बढ़ाने पर जोर।
  • सांस्कृतिक स्वागत का आयोजन भारतीय समुदाय द्वारा।
  • विशेष प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का सकारात्मक मूल्यांकन।

तियानजिन, 31 अगस्त (आईओएनएस)। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रविवार को चीन के तियानजिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक की जानकारी साझा की।

विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए तियानजिन का दौरा कर रहे हैं। वे शनिवार की शाम तियानजिन पहुंचे, जहां स्थानीय सरकार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद, स्थानीय भारतीय समुदाय ने उनके लिए एक जीवंत सांस्कृतिक स्वागत आयोजन किया। आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात हुई।

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने के लिए चार सुझाव दिए हैं। इनमें रणनीतिक संचार को मजबूत करना, आपसी विश्वास को गहराना, सहयोग का विस्तार करना और दोनों देशों की चिंताओं का ध्यान रखना शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सुझावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।"

विदेश सचिव ने बताया, "मैं आपके ध्यान को सीमा विवाद पर भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की वार्ता के परिणामों की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जो दो सप्ताह पहले नई दिल्ली में हुई थी। आज की बैठक में दोनों नेताओं ने इन परिणामों का सकारात्मक मूल्यांकन किया।"

उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय मंचों पर भी क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने तियानजिन में होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए चीन की अध्यक्षता का समर्थन किया और राष्ट्रपति शी को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया, जिसकी मेज़बानी भारत 2026 में करेगा।

विक्रम मिस्री ने कहा, "कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ने म्यांमार के सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी पड़ोसी प्रथम नीति के तहत म्यांमार के साथ संबंधों को बहुत महत्व देता है।"

उन्होंने कहा कि कुछ देर पहले प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा आयोजित 25वें एससीओ शिखर सम्मेलन के स्वागत समारोह में भाग लिया। प्रधानमंत्री सोमवार को शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे, जहां वे एससीओ के अंतर्गत क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के अपने दृष्टिकोण को रेखांकित करेंगे।

Point of View

यह प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत-चीन सीमा विवाद का क्या समाधान मिला?
हाल की बैठक में दोनों नेताओं ने सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों के बीच की वार्ता के सकारात्मक परिणामों की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी का तियानजिन दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दौरा एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए है, जहां वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।