क्या वाईएसआर कांग्रेस ने एनडीए उम्मीदवार का समर्थन किया?

सारांश
Key Takeaways
- वाईएसआर कांग्रेस ने एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन किया।
- जगन मोहन रेड्डी का पहले से समर्थन था।
- वाईएस शर्मिला ने इस निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
- 2017 से वाईएसआरसीपी ने एनडीए उम्मीदवारों का समर्थन किया है।
- यह निर्णय भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।
अमरावती, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी ने रविवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष एवं आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी से फोन पर बात की और उनकी पार्टी का समर्थन मांगा।
जगन मोहन रेड्डी ने उन्हें बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा से पहले ही उनसे समर्थन मांगा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने एनडीए को अपने समर्थन का आश्वासन पहले ही दे दिया था।
वाईएसआरसीपी के एक बयान के अनुसार, पार्टी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बी सुदर्शन रेड्डी से कहा कि वह उनका व्यक्तिगत रूप से बहुत सम्मान करते हैं और कहा कि न्यायपालिका के माध्यम से राष्ट्र के प्रति उनकी सेवाएं अमूल्य हैं।
बयान में कहा गया है कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने संविधान की रक्षा और लोकतंत्र की भावना की रक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनकी प्रशंसा की।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि चूंकि उन्होंने पहले ही एनडीए उम्मीदवार के प्रति प्रतिबद्धता जताई है, इसलिए वह इस चुनाव में भारत गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर पाएंगे और अनुरोध किया कि इसे गलत न समझा जाए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 अगस्त को जगन मोहन रेड्डी से बात करके एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के लिए समर्थन मांगा था, जिसके बाद वाईएसआर ने एनडीए उम्मीदवार का समर्थन किया था।
वाईएसआरसीपी के लोकसभा सदस्य मदिला गुरुमूर्ति ने पुष्टि की थी कि उनकी पार्टी के 11 सांसद हैं, जिनकी संख्या लोकसभा में चार और राज्यसभा में सात है, वे सीपी राधाकृष्णन के लिए मतदान करेंगे।
वाईएसआरसीपी ने 2017 से राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों में हमेशा एनडीए उम्मीदवारों का समर्थन किया है।
एनडीए का हिस्सा न होते हुए भी वाईएसआरसीपी ने साल 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनावों में रामनाथ कोविंद और द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया था। वहीं उपराष्ट्रपति पद के लिए एम. वेंकैया नायडू और जगदीप धनखड़ का भी समर्थन दिया था।
जगन की बहन और आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला रेड्डी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए को समर्थन देने के वाईएसआरसीपी के फैसले की कड़ी आलोचना की है।
वाईएसआरसीपी को भाजपा की 'बी-टीम' करार देते हुए उन्होंने कहा कि इस फैसले से उसका 'भगवा चेहरा' उजागर हो गया है।
शर्मिला ने यह भी कहा कि जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के उत्तराधिकारी नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दत्तक पुत्र हैं।