क्या बिहार की देवकी ने सोलर पैनल से सफलता की नई ऊंचाई हासिल की?

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क्या बिहार की देवकी ने सोलर पैनल से सफलता की नई ऊंचाई हासिल की?

सारांश

मुजफ्फरपुर की देवकी ने सोलर पैनल के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार किया है। सफलता की इस कहानी ने उन्हें न केवल व्यक्तिगत सफलताओं की ओर बढ़ाया, बल्कि पूरे गांव के लिए एक प्रेरणा भी बना दिया है। जानिए उनकी कहानी।

मुख्य बातें

देवकी की कहानी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
सोलर पैनल ने उनके जीवन को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
किसानों की मदद से सामुदायिक विकास संभव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने देवकी की उपलब्धियों को सराहा।
महिलाएं आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

मुजफ्फरपुर, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचाहा प्रखंड स्थित करनपुर दक्षिणी पंचायत के ककड़ाचक गांव की देवकी ने अपनी मेहनत और समर्पण से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार किया है, बल्कि अपने गांव के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बन गई हैं। अत्यंत गरीब परिवार से आने वाली देवकी के पास केवल छह धूर जमीन है, जिसमें से आधा हिस्सा उनके आवास के लिए और आधा खेती के लिए उपयोग किया जाता है।

देवकी के पति सुनील कुमार सहनी, जो पहले एक बैंक में चपरासी के रूप में कार्यरत थे, वर्ष 2022 में बेरोजगार हो गए। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए देवकी ने हार नहीं मानी और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया।

देवकी ने सोलर पैनल के माध्यम से खेतों में सिंचाई का कारोबार शुरू किया। छह लाख दस हजार रुपए की लागत से शुरू किए गए इस व्यवसाय में वह अब 112 किसानों के 40 एकड़ खेतों में सोलर पैनल के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर रही हैं। इस काम से उन्हें प्रतिदिन लगभग 800 रुपए की आय हो रही है।

देवकी ने बताया कि इस आय ने उनके परिवार के जीवन को बदल दिया है। वह अब अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने में सक्षम हैं और घर का खर्च भी आसानी से चला रही हैं।

बीते पांच मई को दिल्ली में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई। प्रधानमंत्री ने उनकी इस उपलब्धि की सराहना की और अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देवकी के कार्यों का जिक्र किया।

पीएम मोदी ने उनके साहस और नवाचार को देश के सामने एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। देवकी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे काम को सराहा, जिससे मेरे गांव, प्रखंड, और मुजफ्फरपुर में मेरा नाम जाना गया। पूरे देश में लोग मुझे पहचानने लगे हैं। मैं प्रधानमंत्री को धन्यवाद देती हूं, जो गरीबों के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं, जिनका लाभ हमें मिल रहा है।"

देवकी की मेहनत और आत्मनिर्भरता की कहानी ने देश भर में सुर्खियां बटोरीं। इस पहल ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि गांव के अन्य लोगों के लिए भी एक मिसाल कायम की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

देवकी की कहानी हमें यह सिखाती है कि आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदम न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामुदायिक विकास का भी आधार बन सकते हैं। यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने जीवन में परिवर्तन लाने की चाह रखते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवकी का व्यवसाय क्या है?
देवकी ने सोलर पैनल के माध्यम से खेतों में सिंचाई का व्यवसाय शुरू किया है।
देवकी ने कितने किसानों की मदद की है?
देवकी ने 112 किसानों के 40 एकड़ खेतों में पानी की आपूर्ति की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने देवकी की सफलता पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके काम की सराहना की और इसे मन की बात में साझा किया।
देवकी की आय कितनी है?
देवकी को इस व्यवसाय से प्रतिदिन लगभग 800 रुपए की आय होती है।
देवकी का पारिवारिक बैकग्राउंड कैसा है?
देवकी एक अत्यंत गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उनके पास केवल छह धूर जमीन है।
राष्ट्र प्रेस
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