क्या भारत ने 'ऑपरेशन सिंधु' में सहयोग करने वाले मित्र देशों को धन्यवाद दिया?

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क्या भारत ने 'ऑपरेशन सिंधु' में सहयोग करने वाले मित्र देशों को धन्यवाद दिया?

सारांश

भारत सरकार ने इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए 'ऑपरेशन सिंधु' का संचालन किया। इस दौरान कई मित्र देशों का सहयोग मिला, जिसके लिए भारत ने आभार व्यक्त किया है। जानिए इस ऑपरेशन की अहमियत और विभिन्न देशों के सहयोग के बारे में।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंधु के तहत भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
भारत सरकार ने मित्र देशों का आभार व्यक्त किया।
ईरान और इजरायल में भारतीय नागरिकों की संख्या महत्वपूर्ण है।
विशेष उड़ानों के माध्यम से नागरिकों को निकाला गया।
युद्ध विराम की स्थिति में ऑपरेशन का भविष्य निर्भर करेगा।

नई दिल्ली, 26 जून (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान इन दोनों देशों में अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ का संचालन किया। इस अभियान को सफल बनाने में इजरायल, ईरान, जॉर्डन, मिस्र, आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान की सरकारों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। भारत सरकार ने इन सभी देशों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने ईरान से अब तक 14 उड़ानों के माध्यम से अपने नागरिकों को सुरक्षित लौटाया है। ईरान, आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान से उड़ानें संचालित की गई हैं। आर्मेनिया से अंतिम उड़ान आज शाम को नई दिल्ली में आज उतरेगी। इजरायली हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारतीय नागरिकों को सीमावर्ती देशों जॉर्डन और मिस्र ले जाया गया, जहां से उन्हें विशेष उड़ानों द्वारा भारत लाया गया।

जायसवाल ने कहा, "हम ऑपरेशन सिंधु में सहयोग के लिए इजरायल, जॉर्डन और मिस्र की सरकारों को धन्यवाद देते हैं। हम ईरान की सरकार को भी आभार व्यक्त करते हैं। जैसा कि आप जानते हैं, हमने अनुरोध किया और उन्होंने हमारे नागरिकों को निकालने के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोला। हम तुर्कमेनिस्तान और आर्मेनिया की सरकारों के भी आभारी हैं।"

भारत ने ईरान और इजरायल से अपने नागरिकों को निकालने के लिए 18 जून को ऑपरेशन सिंधु की शुरुआत की थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "ईरान में भारत के लगभग 10,000 और इजरायल में करीब 40,000 नागरिक हैं। ईरान से हमने अब तक 3,426 भारतीय नागरिकों, 11 ओसीआई कार्ड धारकों, 9 नेपाली नागरिकों, कुछ श्रीलंकाई नागरिकों और एक ईरानी नागरिक को निकाला है। ईरानी नागरिक की शादी भारतीय से हुई है।"

जायसवाल ने कहा, "जहां तक इजरायल का सवाल है, हमने अब तक चार उड़ानों के जरिए 818 भारतीय नागरिकों को वहां से निकाला है। इजरायल में हवाई क्षेत्र बंद था, इसलिए भारतीय नागरिकों को सीमावर्ती देशों जॉर्डन और मिस्र ले जाना पड़ा। इन दोनों देशों से भारतीय नागरिकों को विशेष उड़ानों में बिठाया गया और वापस घर लाया गया।"

उन्होंने कहा, "ईरान-इजरायल के बीच युद्ध विराम हो चुका है। हमने इसका स्वागत किया है। ऑपरेशन सिंधु को जारी रखना है या नहीं, इसके लिए हम जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। संबंधित जानकारी साझा की जाएगी।"

विदेश मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार को विशेष विमान से कुल 275 लोग, जिनमें 272 भारतीय नागरिक और 3 नेपाली नागरिक, ईरान के मशहद से नई दिल्ली पहुंचे।

इसके अलावा भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने बुधवार को ऑपरेशन सिंधु के तहत 224 भारतीय नागरिकों को इजरायल से सफलतापूर्वक निकाला।

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने नई दिल्ली पहुंचने पर भारतीय नागरिकों का स्वागत किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। 'ऑपरेशन सिंधु' ने यह साबित किया है कि वैश्विक सहयोग से कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। यह न केवल भारत की नीति का हिस्सा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंधु का उद्देश्य क्या था?
ऑपरेशन सिंधु का उद्देश्य इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाना था।
कौन-कौन से देश ने भारत का सहयोग किया?
इजरायल, ईरान, जॉर्डन, मिस्र, आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान ने भारत का इस ऑपरेशन में सहयोग किया।
भारत ने कितने नागरिकों को निकाला?
भारत ने ईरान से 3,426 और इजरायल से 818 नागरिकों को निकाला है।
राष्ट्र प्रेस
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