क्या भारत की 8 प्रतिशत विकास दर इनोवेशन संचालित नीतियों का नतीजा है?
सारांश
Key Takeaways
- भारत की विकास दर 8 प्रतिशत से अधिक है।
- उत्पादकता और इनोवेशन से संचालित नीतियों से यह संभव हुआ है।
- जॉर्डन में निवेश के नए अवसर हैं।
- फार्मा और मेडिकल उपकरण क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं।
- ग्रीन एनर्जी में भारत का बड़ा निवेश है।
अम्मान, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत-जॉर्डन व्यापार मंच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और देश की विकास दर 8 प्रतिशत से अधिक है। यह उत्पादकता संचालित शासन और इनोवेशन संचालित नीतियों का परिणाम है।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि वर्तमान में भारत में जॉर्डन के निवेशकों के लिए नए अवसर उपलब्ध हैं, और यहां के निवेशक भारत में निवेश करके अच्छा लाभ कमा सकते हैं।
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि भारत और जॉर्डन के बीच फार्मा और मेडिकल उपकरणों के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। आज हेल्थकेयर केवल एक क्षेत्र नहीं रह गया है, बल्कि यह एक रणनीतिक प्राथमिकता बन चुका है। यदि भारतीय कंपनियां जॉर्डन में दवाएं और मेडिकल उपकरण बनाती हैं, तो इससे न केवल जॉर्डन के लोग लाभान्वित होंगे, बल्कि जॉर्डन अफ्रीका और पश्चिम एशिया का एक विश्वसनीय हब बन सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी में देश की प्रगति पर पीएम मोदी ने कहा कि आज की दुनिया ग्रीन ग्रोथ के बिना आगे नहीं बढ़ सकती है, क्योंकि क्लीन एनर्जी अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत सोलर, विंड, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज में एक बड़े निवेशक के रूप में उभरा है। जॉर्डन के पास भी इस क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं, जिन्हें हम अनलॉक कर सकते हैं।
इसके साथ ही, ऑटोमोबाइल और ईवी में भी कई संभावनाएं हैं और भारत किफायती ईवी और दोपहिया और सीएनजी मोबिलिटी में शीर्ष देशों में से एक है। हमें अधिक से अधिक कार्य मिलकर करना चाहिए।
दोनों देशों की मजबूत विरासत पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन दोनों देश अपने संस्कृति और धरोहर पर गर्व करते हैं। संस्कृति और धरोहर टूरिज्म के लिए दोनों देशों में बहुत स्कोप है। दोनों देशों के निवेशकों को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
भारत में इतनी सारी फिल्में बनती हैं, उन फिल्मों की शूटिंग जॉर्डन में हो सकती है। ज्वाइंट फिल्म फेस्टिवल के आयोजन के लिए भी जरूरी प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं।