बुसान की 'बुकांगी' शार्क: तीन सप्ताह से नहर में डटी, 7 लाख से ज़्यादा लोगों की नज़र
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के बुसान के नॉर्थ पोर्ट की एक संकरी नहर में करीब तीन सप्ताह से जमी 3.5 मीटर लंबी शार्क ने स्थानीय प्रशासन के लिए एक अनोखी चुनौती खड़ी कर दी है। 18 सितंबर 2026 को पहली बार दिखाई देने वाली इस शार्क को स्थानीय लोगों ने 'बुकांगी' नाम दिया है — जो बुसान के नॉर्थ पोर्ट के कोरियाई नाम 'बुकहांग' और प्रत्यय 'ई' से मिलकर बना है। उसे खुले समुद्र तक पहुँचाने की दो कोशिशें हो चुकी हैं, दोनों नाकाम रही हैं।
नामकरण और लोगों की दीवानगी
बुकांगी की कहानी महज एक भटकी हुई शार्क की नहीं है — यह बुसान शहर की सबसे चर्चित हस्ती बन चुकी है। शनिवार तक 7 लाख से अधिक लोग उसे देखने वाटरफ्रंट पार्क पहुँच चुके थे। चुसोक (कोरियाई थैंक्सगिविंग) की छुट्टियों के दौरान तो केवल चार दिनों में 4.83 लाख लोगों ने वाटरफ्रंट का रुख किया — जो सामान्य छुट्टी वाले दिनों की तुलना में करीब 50 गुना अधिक था। इस जन-उत्साह को देखते हुए बुसान शहर ने बुकांगी को अपना मानद प्रचार राजदूत घोषित कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम: दोनों बचाव अभियान कैसे विफल हुए
29 सितंबर को पहला बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने पाँच नौकाओं और पानी के पंपों की मदद से तेज़ धार छोड़कर शार्क को नहर के मुहाने की ओर धकेलने की कोशिश की। करीब पाँच घंटे तक चला यह अभियान नाकाम रहा — बुकांगी बार-बार नौकाओं के पीछे से निकल जाती और निर्धारित दिशा से बचती रही।
2 अक्टूबर को दूसरा प्रयास किया गया। इस बार 50 मीटर लंबा और 6.8 मीटर ऊँचा जाल बिछाया गया, ताकि शार्क को कृत्रिम जलमार्ग से बाहर खुले समुद्र की ओर ले जाया जा सके। लेकिन जाल नहर की तलहटी में अटक गया और करीब दो घंटे की कोशिश के बाद अभियान रोकना पड़ा।
सबसे हैरान करने वाली बात अगले दिन हुई। अधिकारियों ने जाल को समुद्र के मुहाने से करीब 100 मीटर पहले रोका था। लेकिन बुकांगी उस 50 मीटर लंबे जाल को पार कर खुद वापस नहर के भीतर लौट आई — उसी जगह जहाँ से उसे निकालने के लिए पूरा ऑपरेशन चलाया गया था।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
स्थानीय अधिकारियों को पहले चिंता थी कि शार्क नहर में भोजन नहीं कर रही और लंबे समय तक यहाँ रहने से उसकी ताकत घट सकती है। हालाँकि, राष्ट्रीय मत्स्य विज्ञान संस्थान के निरीक्षण में बुकांगी की गतिविधि और साँस लेने की स्थिति स्थिर पाई गई। कुछ विशेषज्ञों ने समुद्र के बढ़ते तापमान को दक्षिण कोरियाई तटीय क्षेत्रों में बड़ी शार्क के दिखाई देने के संभावित कारणों में शामिल किया है — हालाँकि यह संबंध अभी पूरी तरह से सिद्ध नहीं हुआ है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के सामने अब केवल यह सवाल नहीं है कि बुकांगी को कैसे बाहर निकाला जाए, बल्कि यह भी है कि उसे जबरन समुद्र की ओर भेजना कितना सुरक्षित और उचित होगा। दो विफल अभियानों के बाद तीसरी रणनीति तैयार की जा रही है। फिलहाल बुसान की यह 'अड़ियल मेहमान' नहर में डटी है — समुद्र बस कुछ ही दूर है, पर बुकांगी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।