चीन-अमेरिका संबंधों पर वैश्विक सर्वे: 75% से अधिक लोगों ने स्थिर संबंधों को बताया ज़रूरी

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चीन-अमेरिका संबंधों पर वैश्विक सर्वे: 75% से अधिक लोगों ने स्थिर संबंधों को बताया ज़रूरी

सारांश

39 देशों के 12,302 लोगों पर किए गए CGTN के वैश्विक सर्वे में 75% से अधिक उत्तरदाताओं ने चीन-अमेरिका के स्थिर संबंधों को अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए ज़रूरी बताया। यह सर्वे राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा के ठीक पहले जारी हुआ, जो कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

CGTN और रेनमिन विश्वविद्यालय के संयुक्त सर्वे में 39 देशों के 12,302 उत्तरदाताओं ने भाग लिया।
वैश्विक स्तर पर 75 प्रतिशत से अधिक लोगों ने चीन-अमेरिका के स्वस्थ संबंधों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए ज़रूरी बताया।
78.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने आपसी सम्मान पर आधारित संवाद को गलतफहमियाँ दूर करने का ज़रिया माना।
67.9 प्रतिशत वैश्विक उत्तरदाताओं का मानना है कि व्यापारिक तनाव का समाधान असंभव नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा पर हैं।

बीजिंग में 12 मई को जारी एक वैश्विक सर्वेक्षण के अनुसार, दुनिया भर के 75 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन-अमेरिका के स्वस्थ और स्थिर संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह सर्वे ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा पर हैं।

सर्वेक्षण की पद्धति और दायरा

यह सर्वेक्षण सीजीटीएन (CGTN) ने चीन के रेनमिन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल कम्युनिकेशन स्टडीज इन द न्यू एरा के सहयोग से आयोजित किया। इसमें विश्व के 39 देशों के 12,302 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया।

सर्वे ऑनलाइन पैनल के माध्यम से किया गया और इसमें 18 से 65 वर्ष की आयु के प्रतिभागी शामिल थे। नमूना प्रत्येक देश की राष्ट्रीय जनगणना के आयु और लिंग वितरण से मेल खाने के लिए तैयार किया गया था। इसमें ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधि देशों के साथ-साथ प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया।

मुख्य निष्कर्ष

सर्वे के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 75 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने चीन-अमेरिका संबंधों को अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए ज़रूरी बताया। विकासशील देशों में यह सहमति 78.3 प्रतिशत तक पहुँची, जबकि अमेरिका में स्वयं 76.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस दृष्टिकोण से सहमति जताई।

व्यापारिक तनाव के समाधान को लेकर 67.9 प्रतिशत वैश्विक उत्तरदाताओं का मानना है कि दोनों देश पारस्परिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं और व्यापारिक विवादों का हल संभव है। विकासशील देशों और अमेरिका दोनों में यह सहमति 72.8 प्रतिशत रही, जो वैश्विक औसत से अधिक है।

इसके अलावा, 74.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि चीन-अमेरिका व्यापार का मूल तत्व पारस्परिक लाभ और लेन-देन है — सहयोग दोनों पक्षों को फ़ायदा देता है, जबकि टकराव दोनों को नुकसान पहुँचाता है। विकासशील देशों में यह सहमति 78.2 प्रतिशत और अमेरिका में 75.3 प्रतिशत रही।

संवाद और आपसी सम्मान पर ज़ोर

सर्वे में 78.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि चीन और अमेरिका को आपसी सम्मान के आधार पर संवाद मज़बूत करना चाहिए ताकि गलतफहमियाँ कम हों। विकासशील देशों में यह सहमति 81.8 प्रतिशत और अमेरिका में 78.3 प्रतिशत रही।

वहीं, 77.9 प्रतिशत वैश्विक उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंध संघर्ष के स्रोत नहीं, बल्कि स्थिरता लाने वाले कारक के रूप में कार्य करने चाहिए। विकासशील देशों में यह सहमति 81.5 प्रतिशत और अमेरिका में 76.4 प्रतिशत रही।

आगे क्या

राष्ट्रपति ट्रंप की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव चरम पर है। सर्वे के नतीजे संकेत देते हैं कि वैश्विक जनमत, यहाँ तक कि अमेरिकी नागरिकों का भी, सहयोग और स्थिरता के पक्ष में झुका हुआ है — जो आने वाली कूटनीतिक वार्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बनता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए इसके नतीजों को स्वतंत्र शोध की कसौटी पर परखना ज़रूरी है। सर्वे के प्रश्नों की संरचना और नमूना चयन की पद्धति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। फिर भी, 39 देशों में 12,302 उत्तरदाताओं का डेटा यह दर्शाता है कि व्यापार युद्ध की थकान वैश्विक स्तर पर महसूस की जा रही है। असली परीक्षा यह होगी कि ट्रंप की बीजिंग यात्रा इस जनभावना को ठोस कूटनीतिक नतीजों में बदल पाती है या नहीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CGTN का चीन-अमेरिका संबंधों पर वैश्विक सर्वे क्या है?
यह सर्वे CGTN और रेनमिन विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, जिसमें 39 देशों के 12,302 उत्तरदाताओं ने भाग लिया। इसका उद्देश्य चीन-अमेरिका संबंधों पर वैश्विक जनमत को समझना था।
सर्वे में सबसे अहम निष्कर्ष क्या रहा?
75 प्रतिशत से अधिक वैश्विक उत्तरदाताओं ने चीन-अमेरिका के स्थिर संबंधों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। विकासशील देशों में यह सहमति 78.3 प्रतिशत तक पहुँची।
अमेरिकी नागरिकों की सर्वे में क्या राय रही?
अमेरिका में 76.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने स्थिर चीन-अमेरिका संबंधों को ज़रूरी बताया। व्यापारिक तनाव के समाधान पर भी 72.8 प्रतिशत अमेरिकी उत्तरदाताओं ने सहमति जताई।
यह सर्वे ट्रंप की चीन यात्रा से कैसे जुड़ा है?
यह सर्वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 13 से 15 मई की चीन राजकीय यात्रा से ठीक पहले जारी किया गया। इसे कूटनीतिक वार्ताओं के लिए वैश्विक जनमत का संदर्भ माना जा रहा है।
सर्वे में कितने देश और लोग शामिल थे?
सर्वे में 39 देशों के 12,302 उत्तरदाता शामिल थे, जिनकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच थी। नमूना राष्ट्रीय जनगणना के आयु और लिंग वितरण के अनुसार तैयार किया गया था।
राष्ट्र प्रेस