26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीजीटीएन सर्वेक्षण: 87% वैश्विक यूजर्स ने माना — चीन है 'सुपर क्रेता' और 'सुपर विक्रेता'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीजीटीएन सर्वेक्षण: 87% वैश्विक यूजर्स ने माना — चीन है 'सुपर क्रेता' और 'सुपर विक्रेता'

सारांश

सीजीटीएन के ऑनलाइन सर्वेक्षण में 8,864 वैश्विक यूजर्स में से 87% ने माना कि चीन एकसाथ 'सुपर क्रेता' और 'सुपर विक्रेता' की भूमिका निभाकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार को स्थिरता दे रहा है — हालाँकि सर्वेक्षण की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

मुख्य बातें

सीजीटीएन के सर्वेक्षण में 8,864 इंटरनेट यूजर्स ने 24 घंटे के भीतर भाग लिया।
87% उत्तरदाताओं ने माना कि चीन वैश्विक व्यापार में 'सुपर क्रेता' और 'सुपर विक्रेता' दोनों की भूमिका निभाता है।
89.2% ने चीनी उत्पादों को वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धी माना; शीर्ष श्रेणियाँ — स्मार्ट डिवाइस, EV और उपभोक्ता वस्तुएँ ।
2025 में चीन लगातार 17वें वर्ष दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा; 80 से अधिक देशों का प्रमुख निर्यात बाज़ार।
मई 2025 में चीन ने 53 अफ्रीकी देशों के लिए शून्य टैरिफ नीति पूरी तरह लागू की।
90.9% उत्तरदाताओं ने माना कि चीन संसाधन-आधारित देशों की अर्थव्यवस्थाओं को विकसित करने में सहायक है।

चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) द्वारा दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स के बीच कराए गए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में 87 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चीन एक साथ 'सुपर क्रेता' और 'सुपर विक्रेता' की दोहरी भूमिका निभाकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार को स्थिरता प्रदान कर रहा है। यह सर्वेक्षण सीजीटीएन के अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी और रूसी प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित किया गया था, जिसमें 8,864 इंटरनेट यूजर्स ने 24 घंटे के भीतर अपनी राय साझा की।

चीन की 'सुपर विक्रेता' छवि

सर्वेक्षण के आँकड़ों के अनुसार, 89.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीनी उत्पाद वैश्विक बाज़ार में पूरी तरह प्रतिस्पर्धी हैं। सर्वाधिक लोकप्रिय श्रेणियों में स्मार्ट डिवाइस, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और रोज़मर्रा की उपभोक्ता वस्तुएँ शीर्ष तीन स्थानों पर रहीं।

84.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं के अनुसार, आधुनिक तकनीक और बेहतर लागत-प्रभावशीलता चीनी उत्पादों की मुख्य ताकत हैं। वहीं, 80.2 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि चीन के अधिकांश निर्यात ऐसे उत्पाद हैं जिन्हें दूसरे देश या तो बना नहीं सकते या बहुत अधिक लागत पर बना सकते हैं — जिसे अंतरराष्ट्रीय श्रम विभाजन और तुलनात्मक लाभ का स्वाभाविक परिणाम बताया गया।

वैश्विक निर्यात से लाभान्वित देश

सर्वेक्षण में 80.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि चीन के निर्यात से दुनिया के विभिन्न देशों को निरंतर लाभ मिल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएँ भू-राजनीतिक तनावों और व्यापार शुल्क विवादों से दबाव में हैं।

गौरतलब है कि 'मेड इन चाइना' ब्रांड की स्वीकार्यता पिछले एक दशक में काफी बदली है — जहाँ एक समय सस्ते और कम गुणवत्ता वाले उत्पादों की धारणा थी, वहीं अब उच्च तकनीक और प्रतिस्पर्धी मूल्य की पहचान बन रही है।

चीन की 'सुपर क्रेता' भूमिका

आयात के मोर्चे पर, साल 2025 में चीन लगातार 17वें वर्ष दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा और लगभग 80 देशों और क्षेत्रों के लिए प्रमुख निर्यात बाज़ार बना रहा। 2025 के पहले सात महीनों में चीन के 150 से अधिक व्यापारिक साझेदारों से आयात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

89.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि चीन ने अनेक देशों के लिए रोज़गार और कर-राजस्व के अवसर पैदा किए हैं। 85.7 प्रतिशत लोगों का मानना है कि चीन में बढ़ती घरेलू खपत के लाभ विकासशील देशों तक भी पहुँच रहे हैं, जिससे उन्हें अपने विशिष्ट उत्पादों के लिए एक बड़ा बाज़ार मिल रहा है।

अफ्रीका के लिए शून्य टैरिफ नीति

85.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन आयात बढ़ाने और संतुलित व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। इसी क्रम में, मई 2025 में चीन ने उसके साथ राजनयिक संबंध रखने वाले 53 अफ्रीकी देशों के लिए शून्य टैरिफ नीति पूरी तरह लागू कर दी।

80.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह चीन की बाज़ार-खुलेपन की प्रतिबद्धता और लाभों को साझा करने की मंशा को दर्शाता है। 90.9 प्रतिशत लोगों ने माना कि चीन संसाधन-आधारित और निर्यात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्थाओं को विकसित करने में सहायक भूमिका निभा रहा है।

आगे क्या

यह सर्वेक्षण ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और टैरिफ युद्ध के बीच वैश्विक व्यापार की दिशा पर बहस तेज़ है। आलोचकों का कहना है कि सीजीटीएन एक सरकारी मीडिया संस्था है और इसके सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली तथा प्रतिनिधित्व की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। बहरहाल, इसमें उभरे आँकड़े वैश्विक व्यापार में चीन की बढ़ती भूमिका पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चीनी सरकार के अधीन कार्य करती है — इसलिए इसके निष्कर्षों को स्वतंत्र शोध के बजाय एक सुनियोजित सार्वजनिक कूटनीति प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है। 8,864 ऑनलाइन यूजर्स का नमूना और सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जाँच न होने से इसकी प्रतिनिधित्व क्षमता पर प्रश्न उठते हैं। फिर भी, यह तथ्य कि चीन 2025 में लगातार 17वें वर्ष दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बना रहा और 80 से अधिक देशों का प्रमुख निर्यात बाज़ार है, वस्तुनिष्ठ आँकड़ों पर आधारित है। असली बहस यह है कि क्या चीन का व्यापारिक वर्चस्व साझा समृद्धि है या रणनीतिक निर्भरता — और इस प्रश्न का उत्तर किसी एक सर्वेक्षण से नहीं मिलता।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजीटीएन का 'सुपर क्रेता और सुपर विक्रेता' सर्वेक्षण क्या है?
यह चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) द्वारा अपने बहुभाषी प्लेटफॉर्म पर कराया गया ऑनलाइन सर्वेक्षण है, जिसमें 8,864 वैश्विक इंटरनेट यूजर्स ने 24 घंटे के भीतर भाग लिया। इसमें 87% उत्तरदाताओं ने माना कि चीन वैश्विक व्यापार में 'सुपर क्रेता' और 'सुपर विक्रेता' दोनों की भूमिका निभाता है।
चीन को 'सुपर विक्रेता' क्यों कहा जा रहा है?
सर्वेक्षण के अनुसार, 89.2% उत्तरदाताओं ने चीनी उत्पादों को वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धी माना। स्मार्ट डिवाइस, इलेक्ट्रिक वाहन और रोज़मर्रा की वस्तुएँ शीर्ष श्रेणियाँ रहीं, और 84.7% ने आधुनिक तकनीक व कम लागत को चीनी उत्पादों की मुख्य ताकत बताया।
2025 में आयात के मामले में चीन की क्या स्थिति है?
2025 में चीन लगातार 17वें वर्ष दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा। इस वर्ष के पहले सात महीनों में 150 से अधिक व्यापारिक साझेदारों से आयात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई और लगभग 80 देशों के लिए चीन प्रमुख निर्यात बाज़ार बना रहा।
चीन की अफ्रीका के लिए शून्य टैरिफ नीति क्या है?
मई 2025 में चीन ने उसके साथ राजनयिक संबंध रखने वाले 53 अफ्रीकी देशों के लिए शून्य टैरिफ नीति पूरी तरह लागू कर दी। सर्वेक्षण में 80.1% उत्तरदाताओं ने इस कदम को चीन के बाज़ार-खुलेपन और लाभ साझा करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
क्या इस सर्वेक्षण के निष्कर्ष पूरी तरह विश्वसनीय हैं?
सर्वेक्षण सीजीटीएन द्वारा कराया गया है, जो चीनी सरकार के अधीन चाइना मीडिया ग्रुप की एक इकाई है। आलोचकों का कहना है कि इसकी कार्यप्रणाली और प्रतिनिधित्व की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसके निष्कर्षों को स्वतंत्र शोध के बराबर नहीं माना जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले