सीजीटीएन सर्वेक्षण: 87% वैश्विक यूजर्स ने माना — चीन है 'सुपर क्रेता' और 'सुपर विक्रेता'
सारांश
मुख्य बातें
चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) द्वारा दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स के बीच कराए गए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में 87 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चीन एक साथ 'सुपर क्रेता' और 'सुपर विक्रेता' की दोहरी भूमिका निभाकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार को स्थिरता प्रदान कर रहा है। यह सर्वेक्षण सीजीटीएन के अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी और रूसी प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित किया गया था, जिसमें 8,864 इंटरनेट यूजर्स ने 24 घंटे के भीतर अपनी राय साझा की।
चीन की 'सुपर विक्रेता' छवि
सर्वेक्षण के आँकड़ों के अनुसार, 89.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीनी उत्पाद वैश्विक बाज़ार में पूरी तरह प्रतिस्पर्धी हैं। सर्वाधिक लोकप्रिय श्रेणियों में स्मार्ट डिवाइस, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और रोज़मर्रा की उपभोक्ता वस्तुएँ शीर्ष तीन स्थानों पर रहीं।
84.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं के अनुसार, आधुनिक तकनीक और बेहतर लागत-प्रभावशीलता चीनी उत्पादों की मुख्य ताकत हैं। वहीं, 80.2 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि चीन के अधिकांश निर्यात ऐसे उत्पाद हैं जिन्हें दूसरे देश या तो बना नहीं सकते या बहुत अधिक लागत पर बना सकते हैं — जिसे अंतरराष्ट्रीय श्रम विभाजन और तुलनात्मक लाभ का स्वाभाविक परिणाम बताया गया।
वैश्विक निर्यात से लाभान्वित देश
सर्वेक्षण में 80.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि चीन के निर्यात से दुनिया के विभिन्न देशों को निरंतर लाभ मिल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएँ भू-राजनीतिक तनावों और व्यापार शुल्क विवादों से दबाव में हैं।
गौरतलब है कि 'मेड इन चाइना' ब्रांड की स्वीकार्यता पिछले एक दशक में काफी बदली है — जहाँ एक समय सस्ते और कम गुणवत्ता वाले उत्पादों की धारणा थी, वहीं अब उच्च तकनीक और प्रतिस्पर्धी मूल्य की पहचान बन रही है।
चीन की 'सुपर क्रेता' भूमिका
आयात के मोर्चे पर, साल 2025 में चीन लगातार 17वें वर्ष दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा और लगभग 80 देशों और क्षेत्रों के लिए प्रमुख निर्यात बाज़ार बना रहा। 2025 के पहले सात महीनों में चीन के 150 से अधिक व्यापारिक साझेदारों से आयात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
89.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि चीन ने अनेक देशों के लिए रोज़गार और कर-राजस्व के अवसर पैदा किए हैं। 85.7 प्रतिशत लोगों का मानना है कि चीन में बढ़ती घरेलू खपत के लाभ विकासशील देशों तक भी पहुँच रहे हैं, जिससे उन्हें अपने विशिष्ट उत्पादों के लिए एक बड़ा बाज़ार मिल रहा है।
अफ्रीका के लिए शून्य टैरिफ नीति
85.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन आयात बढ़ाने और संतुलित व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। इसी क्रम में, मई 2025 में चीन ने उसके साथ राजनयिक संबंध रखने वाले 53 अफ्रीकी देशों के लिए शून्य टैरिफ नीति पूरी तरह लागू कर दी।
80.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह चीन की बाज़ार-खुलेपन की प्रतिबद्धता और लाभों को साझा करने की मंशा को दर्शाता है। 90.9 प्रतिशत लोगों ने माना कि चीन संसाधन-आधारित और निर्यात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्थाओं को विकसित करने में सहायक भूमिका निभा रहा है।
आगे क्या
यह सर्वेक्षण ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और टैरिफ युद्ध के बीच वैश्विक व्यापार की दिशा पर बहस तेज़ है। आलोचकों का कहना है कि सीजीटीएन एक सरकारी मीडिया संस्था है और इसके सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली तथा प्रतिनिधित्व की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। बहरहाल, इसमें उभरे आँकड़े वैश्विक व्यापार में चीन की बढ़ती भूमिका पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।