क्या चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में भारतीयों के लिए अतिरिक्त हेल्पलाइन सेवा शुरू की?
सारांश
Key Takeaways
- चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका में गंभीर नुकसान किया है।
- भारतीय वायुसेना ने राहत और बचाव अभियान चलाया है।
- भारतीय उच्चायोग ने अतिरिक्त हेल्पलाइन शुरू की है।
- हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है।
- भारत की सहायता संकट के समय में महत्वपूर्ण है।
कोलंबो, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में चक्रवात दितवाह ने गंभीर तबाही उत्पन्न की है। इस संकट के बीच, भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का राहत और बचाव अभियान आरंभ किया है। इस कठिन समय में, भारतीय उच्चायोग ने श्रीलंका में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए एक अतिरिक्त हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की है।
कोलंबो में स्थित भारतीय उच्चायोग ने जानकारी दी कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए, संकट में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए एक नई आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है।
भारतीय उच्चायोग फंसे हुए भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।
इन हेल्पलाइन नंबरों में +94 77 372 7832 (व्हाट्सएप उपलब्ध) और +94 77 122 9026 (व्हाट्सएप उपलब्ध) शामिल हैं।
इससे पहले, भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका को भेजी गई मानवीय सहायता के बारे में भी जानकारी साझा की थी।
भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ मिलकर भूस्खलन प्रभावित कोटमाले क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बचाव और निकासी अभियान चलाया, जो सड़क मार्ग से पूरी तरह कटा हुआ था।
जानकारी के अनुसार, पूरे दिन के अभियानों में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने कुल 45 फंसे हुए यात्रियों को निकाला, जिनमें 6 गंभीर रूप से घायल और 4 शिशु शामिल थे, और उन्हें सुरक्षित कोलंबो पहुंचाया। इनमें 12 भारतीय नागरिक और जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया, यूके, पोलैंड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के 30 से अधिक विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
भारतीय वायुसेना ने बताया कि जमीनी राहत प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए, उन्होंने 57 श्रीलंकाई सेना के जवानों को भी प्रभावित क्षेत्र में हवाई मार्ग से भेजा।
इन अभियानों का पैमाना और गति, श्रीलंका की सहायता के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जहां भारतीय वायुसेना चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित और संवेदनशील मानवीय सहायता और आपदा राहत सहायता प्रदान कर रही है।