क्या चीन-दक्षिण कोरिया के नेताओं की मुलाकात ने सहयोग की नई दिशा तय की?
सारांश
Key Takeaways
- 15 सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए हैं।
- तकनीकी नवाचार और पारिस्थितिकी पर ध्यान दिया गया है।
- दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग की नींव रखी गई है।
- युवाओं के आदान-प्रदान से रिश्तों को मजबूती मिलेगी।
- पूर्वोत्तर एशिया में आर्थिक सहयोग का नया मॉडल विकसित होगा।
बीजिंग, ८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग से पेइचिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में मुलाकात की, जो चीन की राजकीय यात्रा पर थे।
दोनों देशों के प्रमुखों ने मिलकर तकनीकी नवाचार, पारिस्थितिकी पर्यावरण, परिवहन और आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में १५ सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
नवंबर २०२५ में राष्ट्रपति की दक्षिण कोरिया की राजकीय यात्रा के बाद, पिछले दो महीनों में चीन और दक्षिण कोरिया के प्रमुख दो बार मिले हैं और एक-दूसरे के देशों में आए हैं। दक्षिण कोरिया के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक हलकों के कई लोगों ने कहा कि दोनों देशों के प्रमुखों के आपसी दौरे ने न सिर्फ सहयोग की मौजूदा नींव को मजबूत किया है, बल्कि भविष्य में व्यावहारिक सहयोग और लोगों के बीच लेन-देन के लिए मजबूत समर्थन भी दिया है।
दक्षिण कोरिया-चीन व्यापार संघ के अध्यक्ष चो प्युंग क्यू ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच लगातार और साफ बातचीत ने चीन-दक्षिण कोरिया के रिश्तों में नई जान डाली है। दक्षिण कोरियाई अंतरिक्ष प्रबंधन विशेषज्ञ लिम डोंग-गु ने कहा कि चीन और दक्षिण कोरिया के मिलकर चलाए जा रहे पूर्वोत्तर एशिया आर्थिक सहयोग मॉडल से जलवायु पर्यावरण, परिवहन और औद्योगिक तालमेल जैसे क्षेत्रों में क्षेत्रीय सहयोग का एक दोहराने योग्य और स्केलेबल मॉडल बनने की उम्मीद है।
मुन्हवा ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एन ह्योंग-जुन ने कहा कि अलग-अलग तरह के युवा आदान-प्रदान से दोनों देशों के रिश्तों में अच्छे रिश्ते के लिए एक मजबूत नींव रखी जाएगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)