मेकांग नदी पर 170वां संयुक्त गश्ती अभियान: चीन, लाओस, म्यांमार और थाईलैंड ने मिलकर शुरू किया ऑपरेशन
सारांश
मुख्य बातें
चीन, लाओस, म्यांमार और थाईलैंड ने 19 अक्टूबर 2026 को मेकांग नदी पर अपने 170वें संयुक्त गश्ती कानून प्रवर्तन अभियान का उद्घाटन किया। यह समारोह चीन के युन्नान प्रांत के शीश्वांगबान्ना स्थित जिंगहा पुलिस घाट पर आयोजित हुआ, जिसमें चारों देशों के 100 से अधिक कानून प्रवर्तन अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। यह अभियान मेकांग नदी बेसिन में नशीली दवाओं की तस्करी, अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों पर लगाम कसने के लिए शुरू किया गया है।
अभियान की शुरुआत और बेड़े का गठन
चीनी कानून प्रवर्तन नौका ने जिंगहा पुलिस घाट से सीटी बजाकर यात्रा प्रारंभ की और निर्धारित जलक्षेत्र की ओर रवाना हुई। वहाँ उसे लाओस और म्यांमार की नौकाओं के साथ मिलकर एक संयुक्त बेड़ा बनाना है, जो पूरे निर्धारित मार्ग पर संयुक्त गश्ती संचालित करेगा। इस अभियान में चीन की 53107 नौका पर बेड़ा कमांड पोस्ट स्थापित की गई है, और चारों पक्षों के कमांडरों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल संयुक्त रूप से ऑपरेशन का संचालन करेंगे।
अभियान का संचालन मॉडल
यह संयुक्त ऑपरेशन तीन प्रमुख मॉडलों में संचालित किया जाएगा — खंडित गश्ती, पूरी लाइन पर संयुक्त गश्ती और जल-थल समन्वित कार्रवाई। इसके तहत मेकांग नदी के प्रमुख जलमार्गों, जोखिम भरे जलक्षेत्रों, तटीय घाटों और सहायक नदियों के घाटों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब मेकांग बेसिन में सीमा पार अपराध और नशीली दवाओं की तस्करी की घटनाएँ लगातार चुनौती बनी हुई हैं।
मुख्य सुरक्षा लक्ष्य
अभियान के दौरान नशीली दवाओं की तस्करी, अवैध घुसपैठ और सीमा पार तस्करी जैसे आपराधिक कृत्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही जलमार्गों की सुरक्षा खतरों की जाँच की जाएगी और नदी बेसिन में विभिन्न सुरक्षा जोखिमों की रोकथाम की जाएगी। इसका प्रमुख उद्देश्य तटीय देशों के नागरिकों, गुज़रने वाले जहाज़ों और उनके चालक दल के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बहुपक्षीय सूचना-साझाकरण बैठक
अभियान के दौरान चारों देशों के कानून प्रवर्तन विभाग लाओस में एक बहुपक्षीय सूचना आदान-प्रदान बैठक आयोजित करेंगे। इस बैठक में सभी पक्ष नदी बेसिन की सुरक्षा स्थिति से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे और सीमा पार अपराधों की नई प्रवृत्तियों का विश्लेषण करेंगे। गौरतलब है कि सूचना साझाकरण, मामलों के समन्वित निपटान और संयुक्त रोकथाम के तंत्र को और मज़बूत करने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
क्षेत्रीय सहयोग का महत्त्व
यह 170वाँ संयुक्त अभियान चारों देशों के बीच मेकांग नदी पर दीर्घकालिक बहुपक्षीय सहयोग का प्रमाण है। आलोचकों का कहना है कि इस क्षेत्र में म्यांमार की आंतरिक अस्थिरता के बीच इस तरह के अभियानों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। आने वाले समय में इन चारों देशों का साझा संकल्प इस नदी बेसिन को सुरक्षित बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।