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क्या जोहान्सबर्ग में चीनी प्रधानमंत्री ने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति से मुलाकात की?

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क्या जोहान्सबर्ग में चीनी प्रधानमंत्री ने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति से मुलाकात की?

सारांश

चीन के प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति से महत्वपूर्ण चर्चा की। यह मुलाकात जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले हुई, जहां दोनों देशों के बीच सहयोग और विकास की नई संभावनाओं की बात की गई। जानें, इस ऐतिहासिक मुलाकात की मुख्य बातें और भविष्य की योजनाएं।

मुख्य बातें

चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच राजनीतिक विश्वास को बढ़ाने का प्रयास।
द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर जोर।
जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए मिलकर काम करना।
संसाधनों और आर्थिक संरचना में पूरक लाभों का उपयोग।
नई ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं।

बीजिंग, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में कहा कि चीन दक्षिण अफ्रीका के साथ मिलकर राजनीतिक पारस्परिक विश्वास को गहरा करने और एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर दृढ़ता से समर्थन देने को तैयार है। शनिवार और रविवार को आयोजित हो रहे 20वें जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ हुई बैठक के दौरान ली छ्यांग ने यह बात कही।

प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने राष्ट्रपति रामाफोसा को राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं संप्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि दशकों से चीन और दक्षिण अफ्रीका एक-दूसरे को करीबी भाइयों की तरह मानते आए हैं, जिनकी मैत्री पर्वतों और समुद्रों को पार करती हुई और भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के स्ट्रेटेजिक मार्गदर्शन में, चीन और दक्षिण अफ्रीका नए युग में एक व्यापक स्ट्रेटेजिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य दोनों देशों की जनता को लाभान्वित करना है।

चीनी प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले महीने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं केंद्रीय कमेटी के चौथे पूर्णाधिवेशन में 'आर्थिक और सामाजिक विकास के 15वें पंचवर्षीय योजना के निर्माण के लिए सीपीसी केंद्रीय समिति की सिफारिशें' पारित की गईं, और दक्षिण अफ्रीका ने दस-सूत्रीय आर्थिक कार्ययोजना की घोषणा की है। ली छ्यांग के मुताबिक, चीन दक्षिण अफ्रीका के साथ विकास रणनीतियों के समन्वय को मजबूत करने और कर-मुक्त व्यवहार को शीघ्र लागू करने को तैयार है।

उन्होंने दोनों देशों से संसाधन और आर्थिक संरचना में पूरक लाभों का उपयोग करने, खनन और बुनियादी ढांचे के निर्माण में सहयोग को गहरा करने, ऑटो उद्योग में नई ऊंचाइयां हासिल करने, नई ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों में संभावनाओं की तलाश करने और उपग्रह नेविगेशन और संयुक्त प्रयोगशाला निर्माण सहित विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार में सहयोग का विस्तार करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने यह भी कहा कि चीन दक्षिण अफ्रीका के साथ मिलकर ब्रिक्स और जी-20 जैसे मंचों पर समन्वय को मजबूत करने, राष्ट्रपति शी द्वारा प्रस्तावित चार वैश्विक पहलों को लागू करने, बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को बनाए रखने, वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार को बढ़ावा देने और विकासशील देशों के सामान्य हितों की रक्षा करने को तैयार है।

इसके जवाब में राष्ट्रपति रामाफोसा ने प्रधानमंत्री ली छ्यांग से राष्ट्रपति शी के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और शुभेच्छाएं संप्रेषित करने को कहा। उन्होंने कहा कि नए युग में एक व्यापक स्ट्रेटेजिक साझेदारी स्थापित करने पर राष्ट्रपति के साथ हुई महत्वपूर्ण सहमति ने द्विपक्षीय संबंधों को ऐतिहासिक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत गति प्रदान की है।

रामाफोसा ने दोहराया कि दक्षिण अफ्रीका एक चीन सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करता है, और इस बात की फिर से पुष्टि की कि थाईवान चीन का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका मूल हितों से जुड़े मुद्दों पर चीन के साथ एक-दूसरे का समर्थन करना जारी रखेगा।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए चीन के समर्थन की सराहना की और कहा कि दक्षिण अफ्रीका व्यापार, निवेश, खनन, उद्योग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक स्वास्थ्य और गरीबी उन्मूलन सहित क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग को गहरा करने को तैयार है, ताकि दोनों देशों की जनता को अधिक लाभ मिल सके।

रामाफोसा ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रपति शी द्वारा प्रस्तावित चार प्रमुख वैश्विक पहलों की अत्यधिक सराहना करता है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण अफ्रीका जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए चीन के मजबूत समर्थन की ईमानदारी से सराहना करता है और कहा कि शिखर सम्मेलन में सहमति बनाने और परिणाम देने में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका है। रामाफोसा ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका संयुक्त राष्ट्र संघ, जी-20 और अन्य बहुपक्षीय ढांचों के भीतर चीन के साथ संचार और समन्वय को मजबूत करने और बहुपक्षवाद को संयुक्त रूप से बनाए रखने को तैयार है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ली छ्यांग और सिरिल रामाफोसा की मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच राजनीतिक विश्वास को और मजबूत करना और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना था।
क्या इस बैठक से दोनों देशों के संबंधों पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
हाँ, यह बैठक दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने का अवसर प्रदान करती है, जिससे भविष्य में द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे।
जी-20 शिखर सम्मेलन का इस बैठक से क्या संबंध है?
यह बैठक जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले हुई थी, जिससे दोनों नेताओं ने मिलकर वैश्विक मुद्दों पर एकजुटता प्रदर्शित की है।
दक्षिण अफ्रीका एक चीन सिद्धांत का पालन क्यों कर रहा है?
दक्षिण अफ्रीका एक चीन सिद्धांत का पालन करता है जिससे यह चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रख सके और वैश्विक स्तर पर सहयोग को बढ़ावा दे सके।
ली छ्यांग ने राष्ट्रपति रामाफोसा को कौन सी शुभकामनाएं दीं?
ली छ्यांग ने राष्ट्रपति रामाफोसा को राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्र प्रेस
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