चेन्नई में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय थाईचीछ्वान दिवस, बढ़ी भारतीय प्रतिभागियों की संख्या
सारांश
मुख्य बातें
बीजिंग, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के चीनी दूतावास ने २१-२२ मार्च को भारतीय वुशु संघ के सहयोग से चेन्नई में अंतर्राष्ट्रीय थाईचीछ्वान दिवस समारोह और प्रतियोगिता का आयोजन किया। उद्घाटन समारोह में चीनी दूतावास के मंत्री-काउंसलर वांग शिनमिंग ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए। भारतीय वुशु संघ, तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण और तमिलनाडु ओलंपिक संघ के अन्य प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
वांग शिनमिंग ने अपने भाषण में भारत में चीनी वुशु को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय वुशु संघ के दीर्घकालिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि थाईचीछ्वान चीन की समृद्ध पारंपरिक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मानवता और प्रकृति के बीच सामंजस्य, और शक्ति एवं कोमलता के बीच संतुलन जैसे पारंपरिक दृष्टिकोणों को दर्शाता है। यह न केवल स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, बल्कि सांस्कृतिक मूल्य भी समाहित करता है।
वांग ने यह भी उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में थाईचीछ्वान में भारतीय प्रतिभागियों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो चीनी और भारतीय समुदायों के बीच आपसी समझ को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष यूनेस्को ने २१ मार्च को 'अंतर्राष्ट्रीय थाईचीछ्वान दिवस' के रूप में मान्यता दी थी, जो इस कला के महत्व को दर्शाता है और विभिन्न सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान का एक मंच प्रदान करता है।
भारत के विभिन्न हिस्सों से २०० से अधिक वुशु के कलाकार कोवलम ब्लू फ्लैग बीच पर थाईचीछ्वान, थाईची तलवार, थाईची पंखे, और सह-अभ्यास जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए। समुद्र और आकाश के सुंदर दृश्य के बीच, प्रतिभागियों की सहजता और आकर्षक गतिविधियों ने एक सामंजस्यपूर्ण वातावरण प्रस्तुत किया। अभिनव 'बीच+थाईचीछ्वान' प्रारूप ने वुशु के पारंपरिक स्थान और प्रदर्शन के तरीकों को विस्तारित किया, जिससे इसकी लोकप्रियता और भागीदारी में वृद्धि हुई। इस आयोजन को स्थानीय समुदाय, विशेषकर युवाओं से उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया मिली।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)