क्या एससीओ समिट में जिनपिंग और लीयुआन ने अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए स्वागत भोज का आयोजन किया?

सारांश
Key Takeaways
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने वाला एक मंच।
- सांस्कृतिक समागम का अद्भुत उदाहरण।
- 20 से अधिक देशों के नेताओं की उपस्थिति।
- शंघाई भावना के मूल्यों का सम्मान।
- भोज के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुति का आयोजन।
तियानजिन, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी फंग लीयुआन ने रविवार की शाम तियानजिन के मीजियांग कन्वेंशन एंड एक्जिबिशन सेंटर में एक भव्य स्वागत भोज का आयोजन किया। यह विशेष आयोजन शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन 2025 में भाग लेने आए अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के स्वागत के लिए आयोजित किया गया।
हाई नदी के किनारे जगमगाती रोशनी के बीच, यह शाम रंगीन सांस्कृतिक संगम और अंतरराष्ट्रीय मैत्री का एक अद्भुत उदाहरण बन गई।
इस अवसर पर 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, सदस्य देशों, पर्यवेक्षक देशों, संवाद साझेदारों के प्रतिनिधि तथा संयुक्त राष्ट्र महासचिव सहित 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख उपस्थित रहे।
जैसे ही विदेशी मेहमानों का आगमन हुआ, वहां गॉर्ड ऑफ ऑनर ने उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया। रेड कारपेट पर चलते हुए मेहमानों ने विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वजों, एससीओ ध्वज और संयुक्त राष्ट्र के ध्वजों की भव्य परेड के बीच प्रवेश किया।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग और फंग लीयुआन ने सभी विदेशी नेताओं और उनके जीवनसाथियों का स्नेहपूर्वक स्वागत किया, हाथ मिलाए, अभिवादन किए और स्मृति चिह्न के रूप में तस्वीरें भी खिंचवाईं। इसके बाद सभी विशिष्ट अतिथि मधुर संगीत की धुनों के बीच भोज कक्ष में पहुंचे।
भोज से पूर्व, शी जिनपिंग ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने चीनी सरकार और जनता की ओर से सभी अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा कि शंघाई सहयोग संगठन ने स्थापना के बाद से ही ‘शंघाई भावना’ के मूल्यों (आपसी विश्वास, समानता, सहयोग और संवाद) को अपनाकर सदस्य देशों के बीच एकता और विश्वास को मजबूत किया है।
उन्होंने बताया कि एससीओ ने न सिर्फ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने में योगदान दिया है, बल्कि यह संगठन वैश्विक संबंधों में एक नए प्रकार की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और साझा भविष्य वाले मानव समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
शी जिनपिंग ने कहा, "आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और यह बदलाव अनिश्चितताओं और अस्थिरता से भरा है। ऐसे समय में एससीओ की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य सभी पक्षों के बीच सहमति बनाना, सहयोग की ऊर्जा को बढ़ावा देना और विकास का खाका तैयार करना है। मुझे विश्वास है कि सभी सदस्य देशों के सहयोग से यह सम्मेलन सफल रहेगा और एससीओ भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुएगा।"
उन्होंने तियानजिन शहर की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला और कहा, "तियानजिन एक खुला, समावेशी और प्राचीन काल से राजधानी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण भाग रहा है। यह शहर चीन की आर्थिक सुधार और खुलेपन की अग्रणी भूमि है। बीजिंग-तियानजिन-हेबेई के समन्वित विकास की रणनीति के तहत यह शहर लगातार नए जोश और ऊर्जा से भर रहा है। इस शहर में एससीओ समिट का आयोजन संगठन के सतत विकास को नई गति देगा।"
भोज के बाद, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और फंग लीयुआन ने सभी अतिथियों के साथ मिलकर एक सांस्कृतिक प्रस्तुति ‘क्रिएटिंग द फ्यूचर टुगेदर’ का आनंद लिया। इस प्रस्तुति में विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय, सौहार्द और सहयोग का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम से पूर्व सभी मेहमानों ने तियानजिन की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।