चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: जल नेटवर्क के लिए 6 बड़े लक्ष्य, 82% भूभाग होगा कवर
सारांश
मुख्य बातें
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के तहत राष्ट्रीय जल नेटवर्क का विस्तार देश के 82 प्रतिशत भूभाग तक करने का लक्ष्य रखा गया है। बीजिंग से मिली रिपोर्टों के अनुसार, जल नेटवर्क सहित कुल छह नेटवर्क — नए प्रकार के विद्युत ग्रिड, कंप्यूटिंग पावर नेटवर्क, अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क, शहरी भूमिगत पाइप नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क — इस योजनाकाल में आधुनिक अवसंरचना प्रणाली की रीढ़ बनेंगे। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब चीन अपने बुनियादी ढाँचे के विस्तार को आर्थिक विकास और रोज़गार सृजन से जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।
जल नेटवर्क निर्माण में तेज़ी
चीनी जल संसाधन मंत्रालय के योजना एवं कार्यक्रम विभाग के उप निदेशक चोउ चिवेई ने बताया कि इस वर्ष जल नेटवर्क निर्माण में उल्लेखनीय गति आई है। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच देश भर में 28 प्रमुख जल संरक्षण परियोजनाएँ शुरू की गईं, जो पिछले पूरे वर्ष की कुल संख्या से अधिक है। गौरतलब है कि यह गति न केवल अवसंरचना विकास के लिए, बल्कि रोज़गार स्थिरीकरण के लिए भी महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
डिजिटल ट्विन और आपदा प्रबंधन
चोउ चिवेई के अनुसार, डिजिटल ट्विन जल नेटवर्क का तेज़ी से निर्माण किया जा रहा है, जो जल संरक्षण कार्यों के लिए एक स्मार्ट 'मस्तिष्क' की भूमिका निभाता है। इस प्रणाली ने इस वर्ष डॉल्फिन और बावी जैसे तूफानों से बचाव में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की। यह तकनीकी एकीकरण चीन के जल प्रबंधन को पारंपरिक इंजीनियरिंग से डेटा-संचालित दृष्टिकोण की ओर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निवेश और रोज़गार सृजन
वित्तपोषण के मोर्चे पर, जल संसाधन मंत्रालय ने निवेश और वित्तपोषण सुधारों को गहरा करते हुए मौजूदा संपत्तियों का पुनरुद्धार किया है और सामाजिक पूंजी की भागीदारी को प्रोत्साहित किया है। जनवरी से सितंबर 2026 तक जल संरक्षण निर्माण में 795 अरब युआन का निवेश पूरा किया गया, जिससे 20 लाख से अधिक रोज़गार सृजित हुए। रिपोर्टों के अनुसार, यह निवेश घरेलू आर्थिक स्थिरता और रोज़गार को बनाए रखने में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
छह प्रमुख लक्ष्य
15वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक जल नेटवर्क निर्माण के लिए निम्नलिखित छह लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
पहला — जलाशय क्षमता में 15 अरब घन मीटर की वृद्धि। दूसरा — महत्त्वपूर्ण बाँधों की अनुपालन दर 91 प्रतिशत तक पहुँचाना। तीसरा — कृषि योग्य भूमि का सिंचित क्षेत्र लगभग 26.7 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना। चौथा — ग्रामीण क्षेत्रों में नल के पानी की उपलब्धता 98 प्रतिशत तक पहुँचाना। पाँचवाँ — मिट्टी के कटाव से बचाव के लिए अतिरिक्त 3,10,000 वर्ग किलोमीटर भूमि का उपचार। छठा — प्रमुख नदियों व झीलों की बुनियादी पारिस्थितिक प्रवाह अनुपालन दर 90 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखना।
आगे का रास्ता
चोउ चिवेई ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जल नेटवर्क का दीर्घकालिक उद्देश्य जल आपदाओं, जल संसाधनों, जल पारिस्थितिकी और जल पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं का समग्र समाधान करना है, ताकि पेयजल, सिंचाई और बाढ़ प्रबंधन के संदर्भ में आम नागरिकों को अधिक सुरक्षा मिल सके। वर्तमान में चीन एक अधिक लचीले, टिकाऊ और सुरक्षित जल नेटवर्क के निर्माण की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है, और 2030 तक इन लक्ष्यों की प्राप्ति देश की अवसंरचना रणनीति की कसौटी होगी।